ऋण का सुदपयोग करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जायेगा -सांसद, धौलपुर Posted on June 10, 2016 by shailesh जयपुर — करौली-धौलपुर सांसद डॉ. मनोज राजोरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के अन्तर्गत बैंको द्वारा युवाओं को दिये गये लोन से जिन बेरोजगार युवाओं ने अपना व्यवसाय अच्छा किया है एवं अपने रोजगार में बढ़ोतरी की है। ऎसे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिये एक प्रोत्साहन शिविर आयोजित किया जायेगा। जिसमें अच्छे कार्य करने वाले युवाओं को पुरस्कृत किया जायेगा। पुरस्कार के लिये नियमानुसार मानदंड जिला कलक्टर द्वारा तय किये जायेंगे। डॉ. राजोरिया गुरुवार को करौली के कलेक्टे्रट सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में उपस्थित बैकर्स एवं विभागीय अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजनान्तर्गत जिन-जिन उद्देश्य के लिये 2400 लोंगो ऋण दिया गया है उनकी बैंक अधिकारी सूची तैयार कर जी-ओटेकिंग करेंगे और उसका फिजीकल वेरिफिकेशन भी किया जायेगा। ताकि यह पता चले कि पात्र व्यक्तियों ही ऋण दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वालों के सभी बैंक वाईज कार्य के फोटो अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि युवा अपने पैरों पर खडें़ हों। इसके लिये उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना की शुरुआत की है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की कि सपोटरा और कुडगांव में जितने भी ऋण स्वीकृत किये गये है उनमें से काफी लोग पात्र नहीं होने की शिकायत उनके पास लेकर आये। उन्होंने इस पर निर्देश दिये कि अगली बैठक में सपोटरा और कुडगांव की जितनी भी ऋण फाइलें स्वीकृत की है उनकी जानकारी उन्हें उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि बैंको द्वारा अपने मनपसंद लोंगो को तो ऋण दे दिया जाता है और इसमें जो चालाक और तेज लोग है वह सफल हो जाते है और जो पात्र है उनका ऋण स्वीकृत नहीं होता है। उन्होंने कहा ऋण स्वीकृत करते समय जिम्मेदारी से कार्य करें जिससे कि पात्र व्यक्ति को ऋण स्वीकृत हो जिससे कि वह बेरोजगार अपने रोजगार से जुडकर आर्थिक रुप से सशक्त बन सके। डॉ. राजोरिया ने जिले में बैकर्स द्वारा लक्ष्यों की प्राप्ति में कमी पर बैकर्स को निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाएं। उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृत करने के साथ जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार अपनाने एवं अपना व्यवसाय शुरू करने हेतु ऋण वितरण कर उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि एनयूएलम, अनुसूचित जाति जनजाति निगम की योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों में अधिकारी व बैकर्स समन्वय के साथ कार्य कर लोगों का लाभान्वित करें। जिले में बैंकवार सीडी रेसो की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि जिले का सीडी रेश्योे रिजर्व बैक द्वारा निर्धारित मानक से बहुत कम है इसको शीध्र बढाया जाकर समय पर लक्ष्यों की उपलब्धि प्राप्त की जाएं। उन्होंने राको, रोडा एक्ट व बसूली के लिये उपखण्ड अधिकारी के साथ मिलकर प्रति वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। डॉ. राजोरिया ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड, बडौदा स्वरोजगार विकास संस्थान द्वारा संचालित कार्यो, वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्श केन्द्र के कार्यो के साथ-साथ वित्तीय समावेशन, शिक्षा ऋण योजना, स्टैण्ड अप इण्डिया योजना की भी विस्तार से प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला कलक्टर श्री मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि सुचारु रुप से कार्य करने में सुधार की आवश्यकता हमेशा होती है। इसके लिये जिले के सभी बैंक जिले की स्थिति को गम्भीरता लेते हुए अपने दिये गये लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ती सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उनके पास जनसुनवाई के दौरान 200 से अधिक लोग बैंको से संबंधित अपनी समस्या को लेकर आते है यह सोचने की बात है। उन्होंने कहा कि पेंशनर को जो पेंशन मिलती है वह उसके जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि गलत खातो के कारण आठ से दस हजार ऎसे वृद्ध है जिनकी पेंशन नहीं पहुंच पा रही है और इधर-उधर भटकते है। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक, कोषाधिकारी एवं उपनिदेशक सूचना एवं प्रौधोगिकी विभाग के अधिकारियों को 15 दिवस में कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिये। जिससे कि ऎसे वृद्धों की पेंशन उनके सही खातों में जाये। जिसमें कि उनकी कोई गलती है। उन्होंने कहा कि बैंक अपने प्रतिनिधि को न्याय आपके द्वार अभियान में भेजे जिससे कि वहां उनके रुपे कार्ड का वितरण भी होगा और माइक्रो एटीएम मशीन में उनका पिन ऎक्टिवेट हो जायेगा। जिससे कि उनके मौके पर ही पेंशन का लाभ मिल सकेगा। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री ओ.पी.एस पालावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ऋण जमा अनुपात 65.5 प्रतिशत है और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित माणक 60 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र सहित वर्ष 2015-16 में 878.68 करोड का ऋण वितरण किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिला उधोग केन्द्र द्वारा 59 एवं केवीआईबी द्वारा 32 युवाओं को ऋण वितरण कर लाभान्वित किया गया। उन्होंने बताया कि पोप योजनान्तर्गत 573 को ऋण वितरित किया गया। जिले में मार्च 2016 तक एक लाख 61 हजार 6 सौ इक्यासी कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये जा चुके है। बडौदा स्वरोजगार संस्थान द्वारा 3516 व्यक्तियों को रोजगार हेतु प्रशिक्षण दिया गया। वित्तीय साक्षरता एवं परामर्श केन्द्र द्वारा 307 शिविर आयोजित किये गये एवं 126 शिक्षार्थियों को 2 करोड 4 लाख रुपये के लगभग शिक्षा ऋण स्वीकृत किये गये। Share on FacebookTweetFollow usSave
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