दि ग्रेटर काश्मीर——— अफ्सपा के प्रतिसंहरण, सुरक्षा बलों के पूर्ण सामर्थ्य पर निर्भर है। उनकी सफलता शांति बनाये रखना,घुसपैठ के नियंत्रण पर निर्भर है।
उच्च सदन में राज्यपाल के संबोधन का उत्तर देते हुए मुख्य मंत्री मुफती ने जवाब दिया। आतंकवादियों के घुसपैठ रोकने में पूर्ण सफलता के बाद ही असफपा जैसे
विवादास्पद नियमों को रदद किया जायेगा। इसकी स्वीकृति सभी पार्टीयों ने दी है।
वर्तमान के प्रधानमंत्री ने भी शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित के लिए पाकिस्तान से बातें की है।
वे लाहौर भी गये लेकिन कुछ दिनों के बाद हमने पठानकोट हमला को देखा। वार्तालाप पटरी से उतड गया। लेकिन भारत एक प्रजातांत्रिक देश है,मुझे आशा है कि आने वाले समय में प्रक्रिया की पुनः शुरूआत होगी।
प्रजातंत्र एक साधन है जिसके तहत हम किसी भी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
(हिंदी अंश)
