- April 22, 2026
वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजनों को मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में अनारक्षित कोचों में यात्रा करने की अनुमति
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजन और भारतीय रेल द्वारा रियायती किराया सुविधा प्रदान किए गए दिव्यांगजन, दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित ‘सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एसएलआरडी) या ‘लगेज-कम-सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एलएसएलआरडी) कोचों में यात्रा करने के लिए वैध यात्री माने जाएंगे; बशर्ते उनके पास यात्रा करने का वैध अधिकार (टिकट) हो।
रेलवे ने यह भी कहा है कि इन निर्धारित कोचों में यात्रा करते पाए गए अनाधिकृत यात्रियों पर रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लक्षित लाभार्थी बिना किसी असुविधा के इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
सभी रेल मंडलों को संबंधित अधिकारियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की सलाह दी गई है, ताकि इन प्रावधानों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
‘दिव्यांगजन कार्ड’ (जिसे ‘ई-टिकटिंग फोटो पहचान पत्र’ या ईपीआईसीएस के नाम से भी जाना जाता है) दिव्यांगजनों के लिए रेलवे पहचान पत्र है, जो उन्हें ट्रेन यात्रा पर रियायतें प्राप्त करने की अनुमति देता है।
यह कार्ड वैध दिव्यांगता/रियायत प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया जाता है, जिसमें कुछ श्रेणियों के लिए यूडीआईडी कार्ड भी स्वीकार्य है।
कार्ड जारी करवाने या उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन भारतीय रेल के ‘दिव्यांगजन पोर्टल’ या केंद्र सरकार के ‘सेवा पोर्टल’ के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

