
इसका प्रबंधन एक संचालन परिषद के जरिये किया जायेगा, जिसके अध्यक्ष एमएसएमई के विकास आयुक्त होंगे, जबकि कपड़ा मंत्रालय के प्रतिनिधि इसके सह-अध्यक्ष होंगे।यह प्रौद्योगिक केन्द्र उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों के निर्माण के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा, जिससे एमएसएमई की उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह केन्द्र इससे संबंधित क्षेत्रों को प्रशिक्षित कामगार एवं परामर्श सेवाएं सुलभ करायेगा। चूंकि राष्ट्रीय कपड़ा निगम (एनटीसी) आधुनिकीकरण, विस्तारीकरण एवं एकीकरण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है, इसलिए प्रौद्योगिकी केन्द्रों की स्थापना से एनटीसी को भी काफी लाभ पहुंचेगा।
