अनिवासी भारतीय (एनआरआई) कठिन परिश्रमी और कानून का पालन करने वाले होते हैं- राष्ट्रपति

पेसूका ———————- राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने नामीबिया में भारतीय उच्चायुक्त श्री कुमार तुहीन द्वारा कल (17 जून, 2016) विंडोक में आयोजित भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में भाग लिया। 

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अनिवासी भारतीय कठिन परिश्रमी और कानून का पालन करने वाले होते हैं। उन्होंने साथ में ये भी कहा कि वे भारत के साथ-साथ जिस देश में रहते हैं वहां के लिए भी जितना हो सके करें।

राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी अफ्रीका यात्रा के लिए भारत सरकार की भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों को गहरा करने का परिणाम है। उप-राष्ट्रपति ने हाल ही में उत्तरी अफ्रीका के कुछ देशों का दौरा किया और आने वाले समय में प्रधानमंत्री महाद्वीप के कुछ देशों का दौरा जल्द ही करने वाले हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अफ्रीका हरेक भारतीय के दिल-दिमाग में एक खास जगह रखता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में किया था।

भारत सरकार ने भी नामीबिया की स्वतंत्रता से पहले ही नई दिल्ली में एसडब्ल्यूएपीओ कार्यालय को पूर्ण राजनयिक मान्यता दे रखी है। इन वर्षों में भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों में मजबूती आई है।

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