पिछले तीन-चार सौ साल से दुनिया में एक बड़ी लड़ाई चल रही है। उसका नाम है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता। ब्रिटेन, यूरोप, अमेरिका और भारत-जैसे कई […]
Category: संपादकीय
किसका विरोध, क्या जनता का ? डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय ने जन-प्रदर्शनों के बारे में जो ताज़ा फैसला किया है, उससे उन याचिकाकर्ताओं को निराशा जरूर हुई होगी, जो विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के […]
भारत-चीनः अभी बहुत कुछ बाकी है — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
चीन के साथ लद्दाख में चल रहे सीमा-विवाद का अब हल होता नजर आ रहा है। बस, वह नजर आ रहा है। अभी हम यह […]
देश को इंदौर दिखाए रास्ता — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
इंदौर के कुछ प्रमुख व्यापारियों ने कल एक ऐसा काम कर दिखाया है, जिसका अनुकरण देश के सभी व्यापारियों को करना चाहिए। इंदौर के नमकीन […]
भारतीय मुसलमान सर्वश्रेष्ठ ——– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद की संसद से बिदाई अपने आप में एक अपूर्व घटना बन गई। पिछले साठ—सत्तर साल में किसी अन्य सांसद […]
किसान—आंदोलन का संतोषजनक समाधान संभव है–डॉ वेद प्रताप वैदिक
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाबी भाषण सुनकर मेरी त्वरित प्रतिक्रिया यह हुई कि किसान—आंदोलन का संतोषजनक समाधान संभव है। जिन अफसरों […]
चौरीचौराः यह कैसी नौटंकी ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
जब मैंने अखबारों में पढ़ा कि गोरखपुर के चौरीचौरा कांड का शताब्दि समारोह मनाया जाएगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका उदघाटन करेंगे तो मेरा मन […]
क्या हमारा लोकतंत्र लंगड़ा गया है ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत में लोकतंत्र की हालत क्या है, इस मुद्दे पर हमारे देश में और दुनिया में आजकल बहस तेज हो गई है। इस बहस को […]
बजट अच्छा है लेकिन क्रांतिकारी नहीं — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
जब तक सरकार ‘दाम बांधो’ नीति लागू नहीं करेगी, आम उपभोक्ता ठगा जैसा रहेगा। **************************************************************** जैसा मैंने परसों लिखा था कि देश का वह बजट […]
म्यांमार में तख्ता पलट — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
(लेखक, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष हैं) *************************************** भारत के पड़ौसी देश म्यांमार (बर्मा या ब्रह्मदेश) में आज सुबह-सुबह तख्ता-पलट हो गया। उसके राष्ट्रपति […]
