कहानी उनकी, जिन्होंने शिक्षा की लौ थामे रखा—- अमित बैजनाथ गर्ग

जयपुर—–भारत समेत पूरी दुनिया इस समय जिस आपदा और संकट से गुज़र रहा है, उसे लंबे समय तक इतिहास में याद रखा जायेगा। मुश्किल की […]

बनते-बिगड़ते समीकरणों के बीच नीतीश की राह आसान नहीं—-मुरली मनोहर श्रीवास्तव

बिहार की सियासत पल-पल करवट ले रही है। यहां कौन किसके साथ कब है और कब उनका साथ छोड़ देगा यह तो सिर्फ वही जाने। […]

15 अगस्त सिर्फ जश्न का नहीं आत्ममंथन का भी दिन —डॉ नीलम महेंद्र

भारत हर वर्ष 15 अगस्त को अपना स्वाधीनता दिवस मनाता है। यह दिन जहां हमारे आजाद होने की खुशी लेकर आता है, वहीं इसमें भारत […]

वनवासी महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की ज़रूरत —- नरेन्द्र सिंह बिष्ट

नैनीताल (उत्तराखंड)—महिलाओं के जीवन और उनके अधिकारों के संबंध में आज भी भारतीय समाज दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ जहां उसके बिना समाज का […]

आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति– डॉ, नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति वैशविक परिदृश्य में कुछ घटनाक्रम ऐसे होते हैं जो अलग अलग स्थान और अलग अलग समय पर घटित […]

राममंदिर पर ओवैसी के विरोध का सच—-कृष्णगोपाल मिश्र

ए.आई.एम.आई.एम. (ऑल इंडिया मजलिस ए एतिहाद उल मुसलमीन) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर राममंदिर के विरुद्ध स्वर मुखर करने का असफल प्रयत्न […]

पाँच अगस्त बस पांच नही — पंकज मुखिया

*पाँच अगस्त बस पांच नही,* *यह पंचामृत कहलायेगा!* *एक रामायण फिरसे अब,* *राम मंदिर का लिखा जाएगा!!* *जितना समझ रहे हो उतना,* *भूमिपूजन आसान न […]