बेंगलुरु, 11 अक्टूबर (रॉयटर्स) – एलन मस्क ने कहा कि वे भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की कीमत कम रखेंगे ताकि मुकेश अंबानी की सस्ती रिलायंस जियो को टक्कर दे सकें।
उन्होंने जियो की पैरेंट कंपनी के भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO को लॉन्च करने से कुछ दिन पहले ही अपने प्रतिद्वंद्वी अरबपति पर हमले तेज़ कर दिए हैं।
टेलीकॉम कंपनी की मालिक जियो प्लेटफॉर्म्स इस ऑफरिंग में 106 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। स्पेसएक्स (SPCX.O) की स्टारलिंक की तरह ही, जियो का अपना सैटेलाइट वेंचर भी लॉन्च होने के लिए अंतिम सुरक्षा मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है।
‘मिसइन्फॉर्मेशन मॉनिटर’ न्यूज़लेटर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत जानकारी वाली खबरों का सारांश देता है, जिसमें “असली या नकली?” जैसा सेक्शन होता है।
सस्ता डेटा ही वह तरीका है जिससे भारत में जियो खड़ी हुई, और मस्क ने केन्या जैसे बाज़ारों में भी स्थानीय टेलीकॉम कंपनियों को चुनौती देने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया है। स्पेसएक्स अब खुद मोबाइल कैरियर बाज़ार में उतरने की योजना बना रही है, जिसकी शुरुआत अमेरिका से होगी।
मस्क ने भारत के लिए कीमतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जहाँ मोबाइल डेटा की कीमत लगभग 8 सेंट प्रति गीगाबाइट है, जो दुनिया में सबसे कम है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ज़ाहिर है, अगर भारत में स्टारलिंक बहुत महंगी होगी, तो कोई इसे नहीं खरीदेगा, इसलिए स्पेसएक्स को कीमतें किफायती रखनी होंगी।”
मस्क ने आगे कहा, “असलियत यह है कि प्रतिस्पर्धा से भारत के आम नागरिकों को ज़्यादा विकल्प मिलेंगे और उन्हें बहुत फ़ायदा होगा, जैसा कि हमेशा होता है। अंबानी का मुनाफ़ा कम हो सकता है, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होगा।”
‘प्रधानमंत्री अंबानी’
अरबपति के ये बयान X पर किए गए उन पोस्ट्स की कड़ी में नवीनतम हैं, जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और अंबानी पर आरोप लगाया था कि वे बाज़ार की लीडर जियो को फ़ायदा पहुँचाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट बाज़ारों में से एक में स्टारलिंक की एंट्री में देरी कर रहे हैं।
इन पोस्ट्स ने मस्क के रुख में एक बड़ा बदलाव दिखाया है, जिनके मोदी के साथ लंबे समय से अच्छे सार्वजनिक संबंध रहे हैं। भारत सरकार ने अपनी मंज़ूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह के भेदभाव से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि स्टारलिंक और जियो समेत लॉन्चिंग की कोशिश कर रहे तीनों सैटेलाइट वेंचर्स को अभी भी अंतिम सुरक्षा मंज़ूरी का इंतज़ार है।
मस्क ने सीधे अंबानी पर तंज कसा।
उन्होंने अंबानी को “प्रधानमंत्री अंबानी” कहकर संबोधित किया और पूछा कि क्या वह “स्टारलिंक को मुक़ाबला करने की इजाज़त देने पर विचार करेंगे”।
