बिहार में खेल के क्षेत्र में सुधार की कवायद : रिंकु कुमारी

मुजफ्फरपुर, बिहार ——-   एक समय था जब कहा जाता था, ‘पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब’. मगर बदलते समय के साथ इस कहावत के मायने […]

लड़कियां बोझ नहीं, ताकत हैं : हेमा रावल

गनीगांव, उत्तराखंड ———-   हाल ही में संसद के विशेष सत्र में पास किये गए महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण विधेयक […]

पूरा आसमान अपना, मगर दो गज जमीन नहीं : रिंकु कुमारी

मुजफ्फरपुर, बिहार   ——- गोपालपुर तरौरा गांव के 45 वर्षीय शिवनंदन पंडित के परिवार में चार से छह लोग रहते हैं. एस्बेस्टस के एक छोटे से […]

शहरों की तरफ पलायन करता गांव : तानिया

चोरसो, उत्तराखंड ——– आज़ादी के अमृतकाल में सभी नागरिकों तक पीने का साफ़ पानी और शौचालय जैसी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य […]

सरकारी स्कूलों में लड़कियों का बढ़ता नामांकन : सपना कुमारी

मुजफ्फरपुर——–  जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा अर्जित करना सभी के लिए महत्वपूर्ण है. यह स्त्री एवं पुरुषों दोनों […]

सब्जी उत्पादन से सालाना लाखों कमाता किसान : फूलदेव पटेल

मुजफ्फरपुर, बिहार ——-   आधुनिक समय में नौकरी को उत्तम मानने वाली युवा पीढ़ियों के लिए खेतीबाड़ी सबसे निकृष्ट कार्य समझा जाता है, जबकि कृषि हमारी […]