खेलों में भी किशोरियों की समुचित भागीदारी होनी चाहिए

अमृता कुमारी(पटना)—–खेल समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इससे शारीरिक और मानसिक विकास के साथ अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है. लेकिन इसमें लड़कियों […]

बुनियादी सुविधाओं से पीछे क्यों रह जाती हैं स्लम बस्तियां?

बंदना कुमारी (पटना)——“आज भी हमलोग को यहां पीने का पानी भरने के लिए सुबह सुबह नल पर लाइन लगाना पड़ता है. अगर ज़रा देर हो […]

स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

ईशा कुमारी (पटना)——-देश को स्वच्छ बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों से केंद्र के स्तर पर लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं. एक ओर जहां […]

मजबूरी में मजदूरी करते हैं बच्चे

निशा सहनी (मुजफ्फरपुर)——बिहार के मुजफ्फरपुर से 22 किमी दूर कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत तेलिया गांव का 11 वर्षीय बैजू (नाम परिवर्तित) रोज़ सुबह अन्य बच्चों की […]

गांव तक सड़क पहुंची मगर परिवहन की सुविधा नहीं

गोल्डी कुमारी (गया)——हमारे देश में पिछले कुछ दशकों में जिन बुनियादी ढांचों पर सबसे अधिक ज़ोर दिया गया है, उसमें सड़क प्रमुख है. वर्ष 2000 […]

मशरूम की खेती बनी महिला किसानों की नयी पहचान

प्रियंका साहू (मुजफ्फरपुर)—आज मशरूम भोजन व स्वाद की दुनिया में अलग ही पहचान बना रही है. लोगों की जुबान पर मशरूम की सब्जी, खीर, अचार, नमकीन […]