मुजफ्फरपुर——–कहते हैं कि सेहत हज़ार नेमत के बराबर है। लेकिन इसमें सबसे अधिक लापरवाही ग्रामीण महिलाएं बरतती हैं। जो घर-परिवार का ख्याल रखने के चक्कर […]
Category: बिहार
सिंचाई के बिना प्रभावित होती कृषि : माधुरी सिन्हा
गया———- देश के निर्माण में शहर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों का भी बराबर का योगदान रहा है. शहर में जहां उद्योग और कल-कारखाने अर्थव्यवस्था […]
योजनाओं से बदल रही है महिलाओं की जिंदगी : रिंकू कुमारी
मुजफ्फरपुर——— देश भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकार अपने अपने स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही […]
बालिका शिक्षा के प्रति उदासीनता विकास में बाधक है : सिमरन सहनी
मुजफ्फरपुर —– हम वैश्विक स्तर पर सुपर पावर बनने की होड़ में हैं. लेकिन लैंगिक असमानता आज भी हमारे समक्ष चुनौतियों के रूप में मौजूद […]
कुपोषित बच्चों से कैसे बनेगा स्वस्थ समाज ? : रिंकू कुमारी
मुजफ्फरपुर, ———- लखींद्र सहनी दूसरे के खेतों में मजदूरी करते हैं. पत्नी के अलावा उनकी छह बेटियां और चार बेटे हैं. सबसे बड़ी बेटी की […]
पलायन के दर्द से गुज़रता गांव : यशोदा कुमारी
देश का दूर दराज़ ग्रामीण क्षेत्र आज भी बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल और शिक्षा जैसी कई बुनियादी ज़रूरतों से जूझ रहा है. इसमें रोज़गार प्रमुख […]
पेड़ के नीचे चल रहे हैं गांव के कई सरकारी स्कूल : सपना कुमारी
मुजफ्फरपुर——–बिहार के सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से शिक्षकों एवं बुनियादी संसाधनों की कमी से जूझते रहे हैं. राज्य के 38 जिलों में सैकड़ों नवसृजित […]
ग्रामीण किशोरियां आज भी माहवारी में कपड़े इस्तेमाल करती हैं : निशा साहनी
मुजफ्फरपुर——-संकुचित सोच के कारण आज भी समाज में माहवारी को अभिशाप माना जाता है. हालांकि यह अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है. आज भी समाज महिलाओं के […]
