लखनऊ (निशांत सक्सेना) —- रिन्यूबल एनर्जी को लेकर अब भी कई पुराने मिथक लोगों की सोच पर हावी हैं-जैसे कि सोलर और विंड एनर्जी महँगी […]
Category: मुद्दे
सूखा और सैलाब के बीच झूलती दुनिया: WMO
लखनऊ (निशांत सक्सेना) —–पानी, ज़िंदगी का सबसे बुनियादी जरिया, अब पहले से कहीं ज़्यादा अनिश्चित हो चला है। कभी इतना कम कि धरती फटने लगे, […]
पेट्रोल-डीज़ल से ज़्यादा, हमारी साँसें महंगी पड़ रही हैं
लखनऊ (निशांत सक्सेना) —- एक नई ग्लोबल रिपोर्ट, Cradle to Grave: The Health Toll of Fossil Fuels and the Imperative for a Just Transition ने […]
आइस को बचाने के जुगाड़ नहीं, असली इलाज
आइस को बचाने के जुगाड़ नहीं, असली इलाज चाहिए: नई स्टडी में चेतावनी लखनऊ (निशांत सक्सेना) —— दुनिया भर में आर्कटिक और अंटार्कटिक की बर्फ़ तेज़ी […]
सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” बन रहा है चीन
लखनऊ (निशांत सक्सेना) —– चीन अब सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” भी बनता जा रहा है। ताज़ा आंकड़े बताते हैं […]
स्कूली बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य: एक सामूहिक जिम्मेदारी
स्कूली बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य: एक सामूहिक जिम्मेदारी डॉ. मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटीसी, एस एस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी आज के दौर में स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य […]
रसोई से मंडी तक हाहाकार: टमाटर-प्याज़-आलू पर मौसम की मार
लखनऊ (निशांत सक्सेना)—– दिल्ली की आज़ादपुर मंडी की तंग गलियों में कदम रखते ही आपको सब्ज़ियों की गंध और गहमागहमी का शोर सुनाई देगा। ठेलेवाले […]
सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, समझदारी से लगाना ज़रूरी है
लखनऊ : (निशांत सक्सेना)——– पेड़ लगाना जलवायु परिवर्तन से लड़ाई का आसान हल माना जाता है। लेकिन Science जर्नल में छपी एक नई स्टडी कहती […]
गंगोत्री की जल कथा बदल रही है: बर्फ़ घट रही, बारिश बढ़ रही
लखनऊ (निशांत सक्सेना) —– उत्तराखंड की ऊँचाइयों में बसी गंगोत्री घाटी, जहाँ से गंगा की धारा जन्म लेती है, देश के करोड़ों लोगों की आस्था […]
800 मिमी से ज्यादा बरसात : अब सिर्फ चेतावनी और एडाप्टेशन ही सहारा
लखनऊ:(निशांत सक्सेना) —– देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर भारी बारिश से जूझ रही है। 16 अगस्त से शुरू हुई लगातार बरसात ने […]
