जेबा खान——राजेन्द्र मोहन शर्मा साहित्य की दुनिया में एक ऐसा नाम है जिसको हर कोई बखूबी से जनता है। साहित्य के क्षेत्र में लम्बे समय […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
सुरेश हिंदुस्तानी——–राजनीति में सकारात्मक दिशा के अभाव में देश को जो नुकसान उठाना पड़ता है, वह भले ही प्रत्यक्ष रूप में दिखाई नहीं दे, लेकिन […]
पुस्तक समीक्षा : मानवीय मूल्यों को खोजती शेर-ओ-शायरी की पुस्तक “हसरतें”
राकेश सूद की पुस्तक “हसरतें” एक मौलिक, अनूठा प्रयास उमेश कुमार सिंह——— एक इंसान जब दुनिया को ख़ूबसूरत बनाने के ख़्वाब देखता है तो उसके […]
देश की राजधानी दिल्ली में शराब घोटाले को लेकर चल रही राजनीति ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में दिल्ली के […]
रचनात्मक राजनीति समय की जरुरत
सुरेश हिंदुस्थानी———-भारत एक लोकतांत्रिक है। इसका तात्पर्य यही है कि देश की जनता ही भारत की असली सरकार है। लोकसभा चुनावों के बाद अब देश […]
पुस्तक समीक्षा : बेशक हम होंगे सफल: व्यक्तित्व-विकास के लिए अनुभवी लेखक की महत्वपूर्ण
उमेश कुमार सिंह——–मानवीय व्यत्तिफत्व को निखारने के उद्देश्य से बाजार में अनेक पुस्तकें उपलब्ध हैं। लेकिन प्रख्यात द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘स्वर्णिम जीवन के अनमोल […]
शिव संपूर्ण विश्व के न केवल आराध्य हैं अपितु वह सृष्टि रचना के मूल आधार है : मेरे आराध्य शिव
उमेश कुमार सिंह—–भगवान शिव त्रिनेत्रधारी हैं। त्रिकालदर्शी हैं। त्रिलोकी हैं। त्रिदेव हैं। जिनकी जटाओं से गंगा अवतरित है। मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। जिनकी लंबी-लंबी […]
सती के तेज से विधाता को विधि का विधान भी बदलना पड़ा
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”——इस व्रत की असीम महिमा है। इस वृतांत में सतीत्व के प्रताप से कालपुरुष को भी बेबस होते देख सकते हैं ,तो […]
बिगड़ते पर्यावरण के लिए केवल और केवल मानव जिम्मेदार — सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”
– सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” विश्व की सभी महाशक्तियां और ताकतवर देश संयुक्त राष्ट्र संघ एवं सुरक्षा परिषद द्वारा बनाएं नियम तो हैं ही, लेकिन […]
दीपमाला पाण्डेय ——- पानी जीवन का आधार है। यह एक सरल सत्य है जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं। अमूमन मेहमानों के घर आने पर […]
