भारी सियासी उठापटक के बाद महाराष्ट्र एवं हरियाणा का मतदान समाप्त हो गया सभी पार्टियों ने अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों को बखूबी बैठाया। अनेकों प्रकार के […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल—- डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तम्भकार )
“आदमी भी क्या अनोखा जीव है, उलझनें अपनी बनाकर आप ही फंसता है, फिर बेचैन हो जगता है और ना ही सोता है।” आज जब […]
डेंगू के डंक से पटना बीमार — मुरली मनोहर श्रीवास्तव
पटना ——- आखिर बिहार को क्या हो गया है? अपने ही आंगन में अपने लाल दम तोड़ रहे हैं और सरकार चाहकर भी कुछ नहीं […]
दीदी बनाम दादा बंगाल चुनाव—- सज्जाद हैदर
जी हां, बंगाल की राजनीति में बहुत बड़े उलट फेर होने का दृश्य दिखाई देने लगा है। क्योंकि, बंगाल की राजनीति में दीदी बड़ी ही […]
जहां आज भी दशहरा के मौके परराज परिवार करता है तौजी का आयोजन —मुरली मनोहर श्रीवास्तव
पटना ———- राजतंत्र से लोकतंत्र में तब्दील हुआ भारत। उपनिवेशी शासनकाल वर्ष 1757 से 1947 तक रहा है। भारत गांवों का देश हैए यहां कभी […]
भाजपा के बिना नीतीश ने किया पटना में रावण वध — मुरली मनोहर श्रीवास्तव
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विजयदशमी की धूम थी। रावण दहन को लेकर सभी धीरे.धीरे मैदान में पहुंच रहे थे उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री […]
बक्सर में जन्मे जेपी सिर्फ सिताब दियारा के ही नहीं देश के लोकनायक – मुरली मनोहर श्रीवास्तव
“जेपी आंदोलन के से देश में हलचल पैदा हुई और 1977 में हुए चुनाव में पहली बार लोगों ने कांग्रेस को सत्ता से दूर कर […]
जल बना जंजाल, फैला सियासी जाल—– सज्जाद हैदर
वाह रे सियासत तेरे रूप हजार। सत्ता का लोभ एवं कुर्सी की चेष्टा किस स्तर तक जा सकती है इसकी कल्पना भी नहीं की जा […]
गांधी जयंती पर विशेष ——— रामकिशोर दयाराम पंवार
सत्ता में रहे या न रहे कांग्रेस ने गांधी जी को भूला दिया बैतूल आया गांधी परिवार सत्ता और संगठन को पता नहीं ! ——– […]
हम तुम सनम चलो खाले कसम | दुनिया से प्लास्टिक मिटा देंगे हम —– श्याम कुँवर भारती [राजभर]
प्लास्टिक प्रदूषण पर आधारित हिन्दी गीत- हम तुम सनम चलो खाले कसम | दुनिया से प्लास्टिक मिटा देंगे हम | ये गलता नही मिट्टी मे […]
