ब्लू डेथ” यानि “कॉलेरा” का गुमनाम नायक — शंभू नाथ डे

गुमनाम नायक “सन 1817 में विश्व में एक नई बीमारी ने दस्तक दी। नाम था “ब्लू डेथ” यानि “कॉलेरा” जिसे हिंदुस्तान में एक नया नाम […]

वो यात्रा जो सफलता से अधिक संघर्ष बयाँ करती है— डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

आज भारत विश्व में अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। वो भारत जो कल तक गाँधी का भारत था जिसकी पहचान उसकी […]

समाज के आखिरी पायदान से शीर्ष तक नरेंद्र मोदी का सफर—- मुरली मनोहर श्रीवास्तव

दुनिया का कोई भी काम छोटा नहीं होता है, किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके कर्मों से निर्धारित होता है जो उसके अस्तित्व को एक नयी […]

राजनीति को शर्मसार करती महाराष्ट्र की घटनाएं — डॉक्टर नीलम महेंद्र (राजनीतिक विलश्लेषक )

महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। जिस प्रकार से बीएमसी ने अवैध बताते हुए नोटिस देने के 24 घंटो के भीतर […]

रघुवंश की दो चिट्ठी, अलग-अलग मायने —- मुरली मनोहर श्रीवास्तव

कल तक राजद से इस्तीफा देने के बाद जहां दूसरे दलों में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.रघुवंश प्रसाद […]

सत्ता की संकल्प-शक्ति से ही हिन्दी बनेगी राष्ट्रभाषा — डॉ. कृष्णगोपाल मिश्र (विभागाध्यक्ष-हिन्दी)

भाषा व्यक्ति-व्यक्ति के मध्य अथवा दो समूहों के मध्य केवल संपर्क का ही माध्यम नहीं होती। वह संपर्क से आगे बढ़कर उनके मध्य स्नेह का […]

80 वर्षों से बिना भोजन और बिना एक बूंद पानी पीये — राम कुमार आर्य

80 वर्षों से बिना भोजन और बिना एक बूंद पानी पीये…. ही जीवित रहने वाले सन्यासी ऋषि , संत प्रहलाद जानी आज ब्रह्मलीन हो गए…. […]

प्लास्टिक की गिरफ़्त में इंसानी ज़िंदगी —— रमा शर्मा

जयपुर, (राजस्थान)—– आज के वैज्ञानिक युग में न केवल मानव विकास की रफ्तार बढ़ी है बल्कि विज्ञान ने इंसान के जीवन को और भी अधिक […]

डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी के पूर्वज मूलरूप से कुआँगाँव — डाक्टर सच्चिदानंद सिन्हा

डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी के पूर्वज मूलरूप से कुआँगाँव, अमोढ़ा (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे। यह एक कायस्थ परिवार था। कुछ कायस्थ परिवार इस स्थान […]

मौत में अपना अस्तित्व तलाशता मीडिया——- डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

आजकल जब टी वी ऑन करते ही देश का लगभग हर चैनल “सुशांत केस में नया खुलासा” या फिर “सबसे बडी कवरेज” नाम के कार्यक्रम […]