हम किस राष्ट्रचेतना की बात करते हैं ? — श्रीमती लीना मेहंदले

राष्ट्र चेतना का उदय राष्ट्र के चिंतन से होता है ! राष्ट्र चिंतन होता है राष्ट्रके दर्शन या तत्वज्ञान से ! लेकिन भारत के विद्वान […]

क्या सियासी टकटकी का केंद्र बना बंगाल चुनाव…? —सज्जाद हैदर— (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक )

सियासत एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें तमाम राजनेता अपना-अपना करतब बखूबी दिखाते हैं। सियासत की सधी हुई तस्वीर को नेतागण प्रतिदिन नए सिरे से गढ़ने […]

नही हो रहा किशोरी बालिकाओं की समस्या का समाधान रमा शर्मा

चाकसू (राजस्थान)— संपूर्ण राजस्थान विविधताओं से भरा है। यह विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं, प्रचलनों, प्रथाओं और सामाजिक, भौगोलिक परिवेश को अपने अन्दर समाहित किये हुये है। […]

मजहबी स्वतंत्रता के नाम पर आर्थिक युद्ध—-डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

धर्म अथवा पंथ जबतक मानव के व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा बनने तक सीमित रहे, वो उसकी आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बन कर उसमें एक सकारात्मक […]

धर्म की आड़ में छल,पुजारी ही बना दुराचारी !—-सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक)

एक सभ्य समाज जिसकी रूप रेखा प्रत्येक दिन गढ़ी जाती है। धर्म का सहारा लेकर समाज से कुरूतियों को दूर करने का उदाहरण भी दिया […]

भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा के अथक सेनानी : बलदेव बंशी – प्रो. अमरनाथ

भारतीय भाषाओं को उनका हक दिलाने के लिए 80 के दशक में संघ लोक सेवा आयोग के गेट पर वर्षों तक चलाए गए धरने के […]

लोक नाट्य कलाकारों का दर्द, बिना पैसे जिंदगी बन गई तमाशा — शिरीष खरे

पुणे (महाराष्ट्र) — “मैं अपने दोनों पैरों में पांच-पांच किलो के घुंघरू बांधता था और गले में ढोलकी लटकाकर जब मंच पर बजाना शुरू करता […]

गरीब मजदूरों पर, आतंकियों का कहर ! सज्जाद हैदर — वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक।

स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। ज़रा रुककर सोचिए…। क्या हो रहा है…? इसके पीछे का मकसद क्या है…? यह क्रूरता आखिर क्या चाहती है…? इनको […]

क्या जातीय राजनीति की परिकरमा करेगा बंगाल…? —- सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज चिंतक)

यह सत्य है कि राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी सदैव ही सियासत की रूप रेखा को नए रूप-रंग में गढ़ने का प्रयास करते हैं। ऐसा […]

विश्व हिंदी दिवस : वीरेंद्र कुमार यादव से एक मुलाकात

एक बार फिर इसी सप्ताह विश्व हिंदी दिवस का आगाज होने जा रहा है। वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष दस जनवरी को भारत के विभिन्न […]