उमेश कुमार सिंह ———— मध्य प्रदेश धार-अखिल वैश्विक छत्रिय महासभा ट्रस्ट के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव विजय बहादुर सिंह ‘नन्हें सिंह को संगठन के प्रदेश ,मंडल […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
औचित्य खोते वैश्विक संगठन —– डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तम्भकार)
दृश्य 1: सुरक्षित स्थान की तलाश में अपने ही देश से पलायन करने के लिए एयरपोर्ट के बाहर हज़ारों महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की भीड़ […]
*भारतीय संगीत के संत थे उस्ताद बिस्मिल्लाह खां* – मुरली मनोहर श्रीवास्तव
उस्ताद ऐसे बिहारी थे जो बाद में बनारसी रंग में रम भले ही गए थे मगर इनका दिल बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव के […]
कोकुन से बनाया महिलाओं ने इको फ्रेंडली राखियां —– जूही स्मिता
पटना, बिहार —— रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार को दर्शाता है. ऐसे में हर बहन अपने भाई के लिए बेहद खास राखियों का चयन […]
उदारता पर कट्टरता की जीत मनुष्य के लिए घातक है—- सुयश मिश्रा,पत्रकार
व्यक्तिगत-स्वतंत्रता और सामाजिक-अनुशासन का नियंत्रण सतही स्तर पर दो परस्पर विरोधी विषय लगते हैं किंतु जीवन में इन दोनों का ही बराबर महत्व है और […]
किगाली संशोधन को मंज़ूरी के साथ एक बार फिर दिखाया भारत ने नेतृत्व
लखनऊ (निशांत कुमार) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में किगाली संशोधन हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (एचएफसी) की खपत और उत्पादन को धीरे-धीरे कम करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। इस […]
वायु प्रदूषण पूरे देश की मानसून वर्षा में ला सकता है 10% -15% की कमी: IIT
लखनऊ (निशांत कुमार) जहाँ अब तक वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य और आर्थिक प्रभावों को स्थापित किया गया है, वहां अब ताज़ा अनुसंधान और विशेषज्ञ बताते […]
क्या तालिबान का उदय भारत को घेरने की बड़ी साज़िश…? — सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक)
अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कूटनीति जिस प्रकार से अपने पैर पसार रही है वह पूरी तरह से संकेत दे रही है कि इसके पीछे का मकसद […]
20 देशों की 73 फ़ीसद जनता मानती है पृथ्वी महाविनाश के मुहाने पर
लखनऊ (निशांत कुमार) —- आईपीसीसी की ताज़ा रिपोर्ट ‘कोड रेड’ के बाद आज ग्लोबल कॉमंस अलायंस ने द ग्लोबल कॉमन्स सर्वे: एटिट्यूड टू प्लेनेटरी स्टीवर्डशिप […]
बाढ़ में बेजुबान पशुओं की भूख मिटाना चुनौती है — अमृतांज इंदीवर
मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार———-पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में है। नगर से लेकर गांव तक के ताल-तलैया, गली-मुहल्ले जलमग्न हो चुके हैं। […]
