वाराणसी : सन्त अतुलानन्द परिसर कोइराजपुर, में प्रतिवर्ष की भाँति होली की पूर्व संध्या में कवि सम्मेलन मधुरंग 4.0 का स्वर जोश एवं उल्लास के साथ […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
रस- रंग -भंग-व्यंग्य चले थे मनाने…..”होली”
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” —– किस्सा कुछ पुराना है। कुछ सालों पूर्व की घटना है। होली का त्योहार आने वाला था मेरा मित्र प्रदीप उपाध्याय […]
होली के संदेश को समझें
सुरेश हिन्दुस्थानी———–भारत भूमि के संस्कार वास्तव में एक ऐसी अनमोल विरासत है, जो सदियों से एक परंपरा के रूप में प्रचलित है। जो समाज में […]
महिलाओं के लिए सुख की परिभाषा बदलने वाली महिला
कल्पना पांडे : 1929 में अमेरिका के विचिटा में जन्मी बेट्टी डॉडसन (पीएच.डी.) ऐसे दौर में बड़ी हुईं जब खुले रूप से यौन विषयों पर चर्चा […]
पुस्तक समीक्षा: मनोविज्ञान और आत्मविश्लेषण का समन्वय: ख़ुशी का ओ.टी.पी.
ख़ुशी बाहरी दुनिया में खोजने की चीज़ नहीं, बल्कि हमारे अपने भीतर छिपी होती है उमेश कुमार सिंह——- डॉ.अंजु दुआ जैमिनी की पुस्तक ‘ख़ुशी का ओ.टी.पी.’ एक अद्भुत […]
द स्टोरीटेलर: कला और बाज़ार के बीच का संघर्ष
कल्पना पांडे ———सत्यजित राय की कहानी ‘गल्पो बोलिये तरिणी खुरो’ पर आधारित अनंत महादेवन की फ़िल्म ‘द स्टोरीटेलर’ (2025) असली मेहनत और पूँजीवाद के बीच के […]
क्या अब विपक्षी एकता कायम रहेगी ?
सुरेश हिंदुस्तानी ——– राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए ही तो राजनीति को अनिश्चितता का खेल कहा जा सकता […]
रेबड़ियों पर केंद्रित होता दिल्ली चुनाव : सुरेश हिंदुस्तानी
सुरेश हिंदुस्तानी—————- देश की राजधानी दिल्ली में चुनावी घमासान के बीच रेबड़ी बांटने की प्रतिस्पर्धा सी चलती दिखाई दे रही है। इससे ऐसा लगता है […]
हिन्दुस्तान दिवस’ देश के लिए भी काम करें
जमशेदपुर (साहित्य सरोवर मंच) : साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था साहित्य सरोवर मंच द्वारा बारीडीह में सनातन सभ्यता संस्कृति परंपरा धरोहर के संरक्षण संवर्धन एवं जन मन […]
12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष-: शक्ति, जिम्मेदारी और भविष्य की ओर एक दृष्टि
12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष- युवावस्था: शक्ति, जिम्मेदारी और भविष्य की ओर एक दृष्टि कुछ कर गुजरने की तमन्ना ही युवावस्था की पराकाष्ठा है […]
