लीडर्स इन क्लाइमेट चेंज मैनेजमेंट प्रोग्राम की घोषणा

5 जून को मनाए गए विश्व पर्यावरण दिवस के संयोजन में, राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (रा.न.का.सं.) और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) भारत ने संयुक्त रूप […]

पर्यावरण को इंसान से सुरक्षा की ज़रूरत है — नरेन्द्र सिंह बिष्ट

हल्द्वानी (नैनीताल) वर्ष 1972 से 2021 तक देश की जनसंख्या 581 मिलियन से 1393 मिलियन हो गयी. पिछले 50 वर्षो में देश की जनसंख्या का […]

बिजनेस में अपनी पहचान बनाती घरेलू महिलाएं — सौम्या ज्योत्सना

मुजफ्फरपुर, (बिहार) अक्सर यह माना जाता है कि शादी के बाद महिलाओं का करियर समाप्त हो जाता है क्योंकि घर और बच्चों से उसे फुर्सत […]

2030 के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के लिए अक्षय ऊर्जा सब्सिडी में वृद्धि ज़रूरी

लखनऊ (निशांत कुमार )—— भारत में अक्षय ऊर्जा पर सब्सिडी 59 प्रतिशत गिरकर 6,767 करोड़ रुपये हो गई है, जो वित्त वर्ष 2017 में 16,312 […]

पितृसत्ता के बोझ तले दबी स्त्री — खुशबू बोरा (पिंगलो, गरुड़)

बागेश्वर (उत्तराखंड)— भारतीय समाज एक पुरुष प्रधान समाज रहा है, जहां पुरूषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा अधिकार दिए गए हैं. पितृसत्तात्मक समाज के […]

मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़, कर रहे प्राकृतिक खेती — रूबी सरकार

भोपाल (मप्र)———–दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम के प्रदूषित हवा से तंग आकर कुछ युवा अपने गांव वापस लौटकर न केवल प्राकृतिक खेती को अपना आजीविका का साधन बनाया […]

जलवायु परिवर्तन ने 30 गुना बढ़ाया भारत और पाकिस्‍तान में समय से पहले हीटवेव का खतरा

लखनऊ (निशांत कुमार )——— भारत और पाकिस्तान में पिछले लंबे समय से चल रही ताप लहर (हीटवेव) की वजह से इंसानी आबादी को बड़े पैमाने […]

टल सकता था अप्रैल का कोयला संकट अगर रिन्यूएबल एनेर्जी लक्ष्य होते हासिल

लखनऊ (निशांत कुमार )—- अप्रैल 2022 में, कोयले की उपलब्धता में कमी के कारण भारत में बिजली संकट पैदा हो गया था। बिजली उत्पादन में […]

भगवतीचरण वोहरा की बलिदान: इतिहास के पन्नों से – कल्पना पांडे

भगत सिंह के महत्वपूर्ण साथी भगवतीचरण वोहरा का जन्म 4 नवंबर, 1903 को लाहौर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वे एक गुजराती […]