नहीं थमी रही जलवायु परिवर्तन कि गति: WMO

लखनऊ (निशांत सक्सेना)   विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ की चोटियों से लेकर समुद्र की गहराई तक, जलवायु परिवर्तन ने […]

जीवन को बचाने के लिये पृथ्वी संरक्षण जरूरी : आशुतोष कुमार

पृथ्वी सभी ग्रहों में से अकेला ऐसा ग्रह है जिसपर अभी तक जीवन संभव हैं। मनुष्य होने के नाते, हमें प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को […]

खेती में हक़ की लड़ाई लड़ती महिलाएं : रूबी सरकार 

भोपाल, मप्र————   कृषि एक ऐसा क्षेत्र है, जहां 80 फीसदी काम महिलाएं करती हैं. बावजूद इसके सरकार महिला किसानों को केंद्र में रखकर कोई निर्णय नहीं लेती है. […]

स्कूल है मगर शिक्षक नहीं : मोना खुलजुनिया

कपकोट, बागेश्वर— उत्तराखंड—-    स्कूल एक ऐसी जगह है, जहां पर बच्चों का सामाजिक विकास तेजी से होता है. हमउम्र बच्चों के साथ वे घुलमिलकर चीजों […]

झारखण्‍ड का अधिकांश कोयला कारोबार कार्यबल चाहता है क्षमता संवर्धन

लखनऊ (निशांत सक्सेना )—————-जीवाश्म ईंधन से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ते रुझान और नेटजीरो लक्ष्यों के प्रति भारत की संकल्पबद्धता के बीच एक ताजा […]

पवन और सौर ऊर्जा वैश्विक बिजली उत्‍पादन के 12 फीसद के रिकॉर्ड स्‍तर पर

गोवा ,राजस्थान ,गुजरात ,कर्नाटक, तमिलनाडु, और आंध्र प्रदेश ने लगायी वैश्विक औसत से ऊंची छलांग लखनऊ (निशांत सक्सेना)   वर्ष 2022 में पवन और सौर ऊर्जा उत्‍पादन ने वैश्विक स्‍तर पर […]

IFC : नई कोयला परियोजनाओं की फंडिंग बंद करने की घोषणा

लखनऊ ( निशांत सक्सेना)  विश्व बैंक की निजी क्षेत्र की शाखा, अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने साफ कर दिया है कि वह नई कोयला परियोजनाओं […]

कोयला बिजली: नए निवेशों की रफ्तार धीमी, पुराने प्लांटों को बंद करने पर स्थिति असपष्ट  

लखनऊ ( निशांत सक्सेना )——— ग्लोबल एनेर्जी मॉनिटर के नौवें वार्षिक सर्वे की मानें  तो भविष्य में अपने  कोयले के  इस्तेमाल  को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर मिले जुले संकेत भेजता रहा है। कोल प्लांट पाइप लाइन पर होने वाले इस सर्वे के मुताबिक़ जहां एक ओर नयी […]

नहीं बदली है माहवारी से जुड़ी अवधारणाएं: नैना सुहानी

मुजफ्फरपुर, बिहार——   मासिक धर्म एक ऐसा विषय है जिस से ग्रामीण इलाकों में अनगिनत अंधविश्वास और पुरानी सोच जुड़ी हुई है. सामाजिक प्रतिबंध के कारण […]

क्या है हिन्दू फोबिया का कारण : डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तम्भकार)

क्या है हिन्दू फोबिया का कारण हिन्दू धर्म या सनातन संस्कृति जिसकी जड़ें संस्कारों के रूप में, परम्पराओं के रूप में भारत की आत्मा में […]