विमला देवी (जयपुर)—– राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित हवा महल, अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. इसे देखने के लिए दूर-दूर […]
Author: shailesh
जिनेवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की 353वीं शासी निकाय की बैठक
PIB Delhi ———- अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की 353वीं शासी निकाय की बैठक 10 मार्च से 20 मार्च, 2025 तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित की […]
स्थिरता एक साझा जिम्मेदारी है: श्री प्रहलाद जोशी
पीआईबी (नई दिल्ली) उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, श्री प्रल्हाद जोशी ने विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2025 पर […]
अंतहीन संघर्ष, कोई पहचान नहीं’: ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र ध्वस्त हो जाएगा
श्रीनगर: (कश्मीर टाइम्स) 20 साल की सेवा वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महमूदा कहती हैं, “अगर हम सिर्फ़ एक हफ़्ते के लिए हड़ताल पर चले गए, तो […]
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एक सेतु होना चाहिए, न कि एक बाधा!” ——— मंत्री श्री मती अन्नपूर्णा देवी
पी आई बी (नई दिल्ली) भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र द्वारा संयुक्त रूप से 69 वें महिला स्थिति आयोग सत्र के साथ-साथ 12 मार्च, 2025 […]
रचनात्मकता, मीडिया और प्रौद्योगिकी का प्रतिच्छेदन दुनिया के मीडिया परिदृश्य को बदल रहा है और अभिसरण के नए स्तर पर पहुंच रहा है — सूचना एवं प्रसारण मंत्री
पी आई बी (दिल्ली) मीडिया और मनोरंजन (एम एंड ई) क्षेत्र में वैश्विक सहयोग बढ़ाने की बड़ी पहल के तहत, भारत सरकार ने नई दिल्ली […]
माफियों की गोलियां और सरकारों की क़ानूनी प्रहार 2014 से अब तक आधे से अधिक पत्रकारों की हत्याएं
1. राम सिंह बिलिंग आज़ादी आवाज़, दैनिक अजीत आज़मगढ़, पंजाब, 3 जनवरी 1992 2 बख्शी तीरथ सिंह […]
“Hindi- Vindi” था। यह फिल्म
डा. सुभाष शर्मा————-हाल ही में मैने एक फिल्म मेलबॉर्न के Crown Village cinema में देखी, जिसका नाम “Hindi- Vindi” था। यह फिल्म जाने माने हिंदी-सेवी कवि अनिल […]
हास-परिहास और आनंद के रंग से सराबोर मधुरंग कवि सम्मेलन-4.0
वाराणसी : सन्त अतुलानन्द परिसर कोइराजपुर, में प्रतिवर्ष की भाँति होली की पूर्व संध्या में कवि सम्मेलन मधुरंग 4.0 का स्वर जोश एवं उल्लास के साथ […]
रस- रंग -भंग-व्यंग्य चले थे मनाने…..”होली”
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” —– किस्सा कुछ पुराना है। कुछ सालों पूर्व की घटना है। होली का त्योहार आने वाला था मेरा मित्र प्रदीप उपाध्याय […]
