प्रतापगढ़़, 26 जून। अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय के सभागार में आपदा प्रबंधन एवं सहायता संबंधी बैठक में वर्षा के मौसम के दौरान आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों पर चर्चा कर अधिकारियों को विशेष सजगता बरतने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर भार्गव ने बताया कि मानसून सत्रा जून-सितम्बर के दौरान 15 जून तक नियंत्राण कक्ष स्थापित करना था जो 24 घंटे कार्य करे। जिला स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर, बाढ़ नियंत्राण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। इसी प्रकार विभागीय स्तर पर नियंत्राण कक्ष स्थापित करने हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन विभागों में अभी तक नियंत्राण कक्ष स्थापित नहीं किया गया है वह शीघ्र नियंत्राण कक्ष स्थापित कर लें।
एडीएम भार्गव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बांधों के गेट खोलने से पूर्व समय रहते चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बांधों पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहने चाहिए। आपदा के समय सम्पर्क करने के लिए सूचना तंत्रा होना चाहिए और अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने जाखम व अन्य बांधों के ऑवरफ्लो होने पर हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने माही बांध के गेट खोलने पर पीपलखूंट व धरियावद क्षेत्रा में हालात से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोगों को इसकी समय पर सूचना मिल जानी चाहिए। कहीं टापूनुमा जगह पर लोग रहते हो तो उन्हें वहां से हटा लें। नाव से नदी पार करने पर पूरी तरह रोक लगा दें। आपात स्थिति में लोगों को ठहराने के लिए भवनों को चिह्नित कर लें।
भार्गव ने चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए तैयार रहने, दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा मोबाइल मेडिकल टीमों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। बिजली विभाग को सड़कों के पास लगे खंभों की हालत जांचकर ठीक करने व ढीले तारों को खींचने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि बिजली गुल होने या अन्य किसी समस्या होने पर आने वाले फोन पर कर्मचारी विनम्रतापूर्वक एवं संतोषजनक जवाब दें।
एडीएम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को मुख्य सड़कों पर रपट वाले स्थानों पर पानी भरने के चेतावनी संबंधी सूचना बोर्ड लगाना सुनिश्चित करने को कहा। जिला रसद अधिकारी को बाढ़ की स्थिति में खाद्यान्न व अन्य जरूरी वस्तुओं की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। नगर परिषद आयुक्त को शहर की नालियों की सफाई, पानी की निकासी व मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने जर्जर भवनों में स्कूल व आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन नहीं करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया। साथ ही जर्जर हालत वाले भवनों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भिजवाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला रसद अधिकारी बनवारी लाल मीणा, छोटी सादड़ी उपखण्ड अधिकारी वन्दना खोरवाल, धरियावद तहसीलदार शांतिलाल जैन, अरनोद तहसीलदार ताराचंद वैंकट, पीपलखूंट तहसीलदार हीरसिंह चारण सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
शिकायतों के निस्तारण का पुनःसत्यापन करने के निर्देश
अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव ने एडॉप्टर अधिकारियों को सरकार आपके द्वार की शिकायतों के निस्तारण का पुनःसत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कम से कम 25 फीसदी शिकायतों का पुनःसत्यापन करें। एडीएम ने अगले महीने के दौरों, निरीक्षण व रात्रि चौपाल के कार्यक्रम 10 तारीख तक सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज करने को कहा। साथ ही शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट दो दिन के भीतर सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
