राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने टी.टी.नगर दशहरा मैदान पर आज नागरिक कल्याण समिति के विजयादशमी समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि दशहरा त्यौहार हमें असत्य पर सत्य की विजय की सीख देता है। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का चरित्र, निष्ठा, न्याय और शुचिता का आदर्श आज भी प्रासंगिक है। श्रीराम ने सर्वजन हिताय और उदात्त चरित्र को चरितार्थ किया, इसीलिए वह मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए। उन्होंने कहा कि हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
राज्यपाल ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी की भूमिकाओं का निर्वाह करनेवाले पात्रों का तिलक किया। समारोह में गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व सांसद श्री कैलाश सारंग और समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नागरिकों को दशहरा की बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दशहरा का त्यौहार हमें जीवन में अहंकार, अत्याचार और रावण-वृत्तियों से दूर रहने की सीख देता हैं। हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर समाज-कल्याण और देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना चाहिए। पूर्व सांसद श्री कैलाश जोशी ने कहा कि दशहरा का त्यौहार ऐतिहासिक होने के साथ हमें जीवन में विजय की ओर बढ़ते रहने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।
राज्यपाल श्री यादव ने समारोह में साहित्यकारों,समाजसेवियों और चित्रकारों का शाल,श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अशोक जैन भाभा ने स्वागत भाषण दिया। अंत में भगवान श्री राम ने रावण के पुतले का दहन किया।
