सर्वदलीय बैठक में व्यवधान मुक्त बजट सत्र पर सहमति
सरकार विकास के लिए संकल्पबद्धः शांति, एकता और अखंडता संचालन सिद्धांत हैं -वेंकैया नायडू
नाय़डू ने जीएसटी और रीयल स्टेट विधेयक पर सहयोग मांगा
सरकार ने आज बल देकर कहा कि वह अन्य पक्षों की तरह विभिन्न विश्वविद्यालयों में हाल की घटनाओं को लेकर चिंतित है। सरकार ने हाल की घटनाओं के कारणों तथा परिणामों पर गहराई से चर्चा करने तथा भविष्य के लिए मार्ग दिखाने का आग्रह संसद से किया। बजट अधिवेशन के पहले संसद के दोनों सदनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को संबोधित करते हुए संसदीय कार्य मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने नेताओं को आश्वासन दिया कि सरकार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय , हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और आरक्षण की मांग सहित सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करेगी ।
श्री नायडू ने कहा कि सरकार संविधान की रक्षा अक्षरश: और संपूर्ण भाव से करने के प्रति संकल्पबद्ध है । सरकार देश की शांति , एकता और अखंडता में दृढ़ विश्वास करती है । उन्होंने कहा कि लोगों के विकास लिए शांति, एकता और अखंडता महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं ।
उन्होंने कहा कि संसद देश की सामूहिक अभिव्यक्ति का मंच है और संसद देशहित में आगे की राह दिखाती है।
श्री नायडू ने कहा कि जीएसटी तथा रीयल स्टेट नियामक लंबित प्रमुख विधेयकों को पारित करने का समय आ गया है। उन्होंने बजट सत्र में इन विधेयकों को पारित करने में सभी दलों से सहयोग देने की अपील की।
श्री वैंकेया नायडू द्वारा बुलाई गई आज की बैठक में संसद के दोनों सदनों में 26 पार्टियों के लगभग 40 नेताओं ने भाग लिया। सभी नेताओं ने बजट सत्र के कामकाज को सहज ढंग से चलाने की इच्छा व्यक्त की।
अनेक नेताओं ने लोगों के बीच संसद की गिरती छवि पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संसद के सहज कामकाज पर जोर दिया क्योंकि विभिन्न दलों द्वारा उठाये गए विषयों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है। कुछ नेताओं ने कहा कि उचित रूप से संसद का कामकाज नहीं होने के कारण संविधान के अन्य अंग विधायिका के क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं और इस समस्या को हल करने की आवश्यकता है।
श्री मल्लिकार्जुन खङ्गे, सांसद (लोकसभा) ने कहा कि यदि विपक्ष द्वारा उठाए गए विषयों पर विस्तार से चर्चा होती है तो उनकी पार्टी इन विधेयकों को पारित करने में सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि जिन विधेयकों पर व्यापक सहमति है उन्हें विचार के लिए लाना चाहिए था और इन्हें 23 फरवरी- 16 मार्च, 2016 के संसद के पहले चरण में पारित किया जाना चाहिए था। अन्य विधेयकों को अप्रैल 25 तथा मई 13, 2016 के दौरान हुए सत्र के दूसरे चरण में विचार कर पारित किया जाना चाहिए था।
विभिन्न दलों द्वारा विचार के लिए सुझाए गए विषय हैं :
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय की घटनाएं, आरक्षण की मांग, जम्मू औऱ कश्मीर तथा पंजाब में आतंकी हमले, कच्चे तेल की कीमतों में कमी का लाभ सामान्य लोगों तक पहुंचाना, बेरोजगारी, श्रीलंका की सेना द्वारा तमिल मछुआरों की गिरफ्तारी, पूर्वोत्तर के विषय, आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को लागू करना आदि।
श्री वैंकेया नायडू ने नेताओं को बताया कि सरकार ने बजट अधिवेशन के लिए कामकाज के 32 विषयों को प्राथमिकता दी है। इनमें 11 विधेयक राज्यसभा में तथा एक विधेयक लोकसभा में लंबित है।
बजट सत्र के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित एजेंडा :
I – प्रस्तुति विचार तथा पारित करने के लिए विधेयक
1. वित्त विधेयक, 2016
2. शत्रु संपत्ति (संशोधन और वैधीकरण)विधेयक, 2016- अध्यादेश का स्थान लेने के लिए
3. जैव-प्रौद्योगिकी के लिए क्षेत्रीय केन्द्र विधेयक, 2016
4. चुनाव कानून (संशोधन विधेयक), 2016
II – विचार और पारित करने के लिए विधेयक
(A) विधेयक लोकसभा में लंबित
1. लोकपाल तथा लोकायुक्त और अन्य संबद्ध कानून (संशोधन) विधेयक, 2014
(B) लोकसभा द्वारा पारित और राज्यसभा में लंबित विधेयक
1. संविधान (122वां संशोधन) विधेयक, 2014 –राज्यसभा की प्रवर समिति की रिपोर्ट पर जीएसटी से संबंधित।
2. भारतीय मानक ब्यूरो विधेयक, 2015
3. उद्योग (विकास तथा नियमन) संशोधन विधेयक, 2015
4. विनियोग अधिनियम (निरस्तीकरण) विधेयक, 2015
5. निरस्तीकरण तथा संशोधन (तीसरा) विधेयक, 2015
6. राष्ट्रीय जलमार्ग विधेयक, 2015
7. विमान से ढुलाई (संशोधन) विधेयक, 2015
8. व्हीसिल ब्लोअर सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015
9. हाईकोट और सुप्रीम कोर्ट जज (वेतन तथा सेवा शर्तें) संशोधन विधेयक, 2015
(C) राज्यसभा में लंबित विधेयक
1. रीयल स्टेट (नियमन तथा विकास) विधेयक, 2013 राज्यसभा की प्रवर समिति की
रिपोर्ट के अनुसार
2. अपहरण विरोधी विधेयक, 2014
III – प्रस्तुत करने के लिए विधेयक
1. संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2016
2. भारतीय प्रबंध संस्थान विधेयक, 2016
IV – वापसी के लिए विधेयक
1. रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2014
2. भूमि अधिग्रहण पुर्नवास और पुर्नबसावट में पारदर्शी उचित मुआवजा अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2015
V – वित्तीय कामकाज
2016-17 के लिए बजट (रेल)
1. लोकसभा में गुरूवार 25 फरवरी, 2016 को प्रश्नकाल के तुरंत बाद 2016-17 के लिए बजट (रेल) का
प्रस्तुतिकरण। राज्यसभा में अपराह्ण 02.00 बजे रखा जाएगा।
2. 2016-17 के लिए बजट (रेल) पर सामान्य चर्चा।
3. 2016-17 के लिए लेखानुदान (रेल) मांग पर चर्चा और मतदान
4. 2015-16 के लिए पूरक अनुदान मांग (रेल) पर चर्चा और मतदान
5. 2016-17 के लिए अनुदान मांग (रेल) पर चर्चा और मतदान
2016-17 के लिए बजट (आम)
6. सोमवार 29 फरवरी, 2016 को लोकसभा में 11 बजे बजट (आम) का प्रस्तुतिकरण/ अपराह्न 01.30 बजे राज्यसभा में रखना।
7. 2016-17 के लिए बजट (आम) पर सामान्य चर्चा।
8. 2016-17 के लिए लेखानुदान (आम) के लिए मांग पर चर्चा और मतदान।
9. 2015-16 के लिए पूरक अनुदान मांग (आम) पर चर्चा और मतदान, यदि हो तो।
10. 2014-15 के लिए अतिरिक्त अनुदान के लिए मांग पर चर्चा और मतदान, यदि हो।
11. अनुदान मांग (आम) पर चर्चा और मतदान।
VI – गैर-विधायी कामकाज
1. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा।
