‘गुजरात की जीवन रेखा’

इस बांध की परिकल्पना सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1946 में की थी.
इस बांध की आधारशिला देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पांच अप्रैल, 1951 को रखी थी.
अदालती मुकदमों और विस्थापित ग्रामीणों के प्रदर्शनों के कारण बांध को तैयार होने में 56 वर्ष लग गया.
इस पर काम 1970 के दशक से ही प्रारंभ हो पाया.
