- April 9, 2016
राष्ट्रीय लोक अदालत का लक्ष्य समझाईश से न्याय
प्रतापगढ़/09 मई 2016- घर परिवार के मध्य उपजे मनभेद से आपसी विवाद होना आम बात है परन्तु उन विवादों का निपटारा समझाईश वार्ता के माध्यम से किये जाने हेतु जो पहल राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर तले प्रतापगढ़ जिलेे में स्थित न्यायालयों में लम्बे समय से चले रहे 10 मामलों में समझाईश एवं सुलह कराते हुए कई पति-पत्नियों के बीच चल रहे पारिवारिक मनमुटावों का सुलह संभव हो सकी जिसके चलते कई पक्षकारान अपने चेहरो पर मुस्कान लिये अपने घरो को लौटे। 
शनिवार को सवेरे ए.डी.आर सेन्टर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में पारिवारिक एवं श्रम विवादों का राजीनामा से निपटाने हेतु राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन विशिष्ठ न्यायाधीश-अ.जा./अ.ज.जा.(अनिप्र)-विकास कुमार खण्डेलवाल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट-हेमराज मीणा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट-अरनोद मुख्या.प्रतापगढ़-सुन्दरलाल बंशीवाल एवं राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच अध्यक्ष-महेन्द्र सोंलकी एवं सदस्यगण-गोपाल लाल शर्मा एवं सुश्री कला आर्य की सक्रिय सहभागिता में सम्पन्न हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित ’राष्ट्रीय लोक अदालत’ में परिवारों के बीच मनभेद के चलते उपजे विवादों का अन्त आपसी समझाईश एवं सुलह वार्ता से संभव हो इसी उद्धेश्य एवं भावना के चलते कई मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय लोक अदालत मंच पर की गई जिसके चलते कुल 10 पारिवारिक प्रकरणों पर राजीनामा से फैसले की मुहर लगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,
प्रतापगढ़ (राज.)

