मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को लोकसभा चुनाव 2019 में मतगणना की तैयारियों में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिये हैं। श्री राव आज यहां भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री सुदीप जैन के साथ प्रदेश के उन जिलों में चल रही मतगणना की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे, जहाँ लोकसभा चुनाव का पहला और दूसरा चरण सम्पन्न हो चुका है। इस मौके पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव भी मौजूद थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राव ने मतगणना की तैयारियों में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्हीव्हीपेट मशीनों की पर्चियों की गणना के लिए गणना कर्मियों का अलग दल बनायें तथा उनके लिये अलग से प्रशिक्षण आयोजित करें। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक-एक आदर्श मतगणना कक्ष बनायें। जहाँ न केवल गणना कर्मी बल्कि उम्मीदवार अथवा उनके अभिकर्त्ता भी मतगणना के व्यवहारिक पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
श्री कान्ता राव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में व्हीव्हीपेट मशीनों की पर्चियों की गणना के लिए अलग से एक टेबल निर्धारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक व्हीव्हीपेट मशीनों की पर्चियों की गणना रिटर्निंग अधिकारी और आयोग के प्रेक्षक की देखरेख में ही करायें। मतगणना स्थल तक स्ट्राँग रूम की सुरक्षा के बारे में भी सतर्कता बरतें। स्ट्राँग रूम के प्रोटोकाल का हर हाल में पालन सुनिश्चित करें।
सीईओ श्री राव ने प्रारंभिक चरण में निष्पक्ष, निर्विघ्न और स्वतंत्र मतदान सम्पन्न कराने के लिए कलेक्टर्स को धन्यवाद दिया और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिये किये गये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मतगणना की तैयारियों के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से निरन्तर सम्पर्क में रहने की सलाह दी, जिससे किसी भी तरह की कठिनाई आने पर उसका त्वरित निराकरण किया जा सके।
बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री सुदीप जैन ने मतगणना की तैयारियों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मतों की गणना विधानसभावार की जायेगी तथा एक चक्र के गणना परिणामों की घोषणा के बाद ही अगले चक्र के मतों की गिनती प्रारंभ की जा सकेगी। उप निर्वाचन आयुक्त ने व्हीव्हीपेट मशीनों की पर्चियों की गणना में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
उन्होंने व्हीव्हीपेट की पर्चियों की गणना के लिए नियुक्त किये जाने वाले अमले को अलग से प्रशिक्षण दिये जाने के साथ-साथ गणना की मॉकड्रिल की आवश्यकता भी बताई। श्री जैन ने बैठक में स्ट्राँग रूम की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रतिदिन स्ट्राँग रूम का निरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने स्ट्राँग रूम की निगरानी के लिए लगाये गये सीसीटीव्ही कैमरों की रिकॉर्डिंग की समुचित व्यवस्था पर भी जोर दिया।
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