बाराबंकी के थाने में दलित युवक की हत्या सपा की सामंती नतीजा- रिहाई मंच

लखनऊ (अनिल कु० यादव) – रिहाई मंच ने बाराबंकी जिले की देवा कोतवाली में बंद दलित युवक सुभाष राजवंशी की मौत को हत्या करार देते हुए आरोपी थानाप्रभारी जेपी यादव सहित ड्यूटी पर मौजूद पुलिस वालों को तत्काल बर्खास्तकरते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की है। मंच नेकहा है कि सुभाष की हत्या के बाद जिस तरह से आरोपी थाना कर्मचारियों नेदेवा कोतवाली में अपने खुद के बचाव के लिए आगजनी की, इसकी भी उच्च स्तरीयन्यायिक जांच कराई जाए।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा है कि अखिलेश यादव की पलिस आजहत्यारों और बलात्कारियों का गैंग एक बन गई है। पुलिस थाने एक तरफ जहां’बूचड़खानों’ में तबदील हो चुके हैं वहीं पूरी की पूरी पुलिस मशीनरी
आदमखोर हो गई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जिस तरह से अखिलेश के पितामुलायम सिंह यादव बलात्कारियों के पक्ष में खुला बयान देते हैं कि एकलड़की से चार लोग रेप नहीं कर सकते, लड़कों से लगती हो जाती है वहींदूसरी ओर अखिलेश यादव की सरकार सीतापुर की महमूदाबाद कोतवाली में लड़कीजीनत की हत्या की घटना के बाद एफआईआर तक दर्ज नहीं कराती है। उन्होंनेकहा कि मुलायम और अखिलेश खुलेआम हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण देरहे हैं।

पत्रकार जगेन्द्र को जिंदा जला देने, बाराबंकी में पत्रकार की मां को थाने के भीतर जिंदा जला देने, बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद की पीट-पीट कर हत्या, बांदा में किसान को जिंदा जला देने में जिसतरह से अपराधियों, सपा के विधायकों मंत्रियों का बचाव जांच के नाम परअखिलेश यादव ने किया उसने सूबे के अपराधियों का मनोबल बढ़ा दिया है।
अपराधियों को पता है कि हर वारदात के बाद सपा सरकार जांच के नाम परअपराधियों के साथ होगी। समाजवादी सरकार और आपराधिक पुलिस मशीनरी केगठजोड़ के आतंक से सूबे की महिलाएं, दलित, अल्पसंख्यक आतंकित हैं।

मोहम्मद शुऐब ने कहा कि जिस तरह से कुछ दिन पहले ही बाराबंकी कोसांप्रदायिक हिंसा में झाोंकने की कोशिश की गई उसने भी साबित कर दिया हैकि कानून व्यवस्था के सवाल पर समाजवादी पार्टी संघी राजनीति को ही मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि रिहाई मंच उत्तर प्रदेश में थाने के भीतर हो रही हत्याओं के खिलाफ जल्द ही प्रदेशभर में एक व्यापक आंदोलन छेड़ेगा।

शाहनवाज आलम
(प्रवक्ता, रिहाई मंच)
09415254919

Leave a Reply