बच्‍चा गोद : पूर्वोत्‍तर राज्यों के क्षेत्रीय सम्‍मेलन :- श्रीमती मेनका संजय गांधी

बच्‍चा गोद : पूर्वोत्‍तर  राज्यों के क्षेत्रीय सम्‍मेलन :- श्रीमती मेनका संजय गांधी
पेसूका —————————- महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी बच्‍चे को गोद लेने से संबंधित मुद्दों पर कल शिलांग में आयोजित एक दिवसीय पूर्वात्‍तर राज्‍यों के क्षेत्रीय सम्‍मेलन का उद्घाटन करेंगी। पूर्वोत्‍तर राज्‍यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के सामाजिक कल्‍याण, महिला और बाल विकास मंत्रालयों के प्रभारी मंत्री इस सम्‍मेलन में भाग लेंगे।
इस सम्‍मेलन में पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में राज्‍य दत्‍तक ग्रहण संसाधन एजेंसियों (सारा), जिला बाल संरक्षण इकाइयों, बाल कल्‍याण समितियों, विशेष दत्‍तक ग्रहण एजेंसियों, बाल देखभाल संस्‍थानों के हितधारकों तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केंद्रीय दत्‍तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण और इस क्षेत्र की राज्‍य सरकारों के संबंधित विभागों के वरिष्‍ठ अधिकारी भाग लेंगे। 

इस सम्‍मेलन का आयोजन किशोर न्‍याय (बच्‍चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम-2015 के अधीन बच्‍चे गोद लेने से संबंधित प्रावधानों के बारे में पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में दत्‍तक ग्रहण कार्यक्रम से हितधारकों को परिचित कराने, दत्‍तक ग्रहण दिशानिर्देश -2015 के प्रावधानों के साथ-साथ बच्‍चा गोद लेने की संसाधन सूचना एवं मार्गदर्शन प्रणाली के माध्‍यम से ऑन लाइन बच्‍चा गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के बारे में आयोजन किया जा रहा है।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बच्‍चों को गोद लेने को नियंत्रित करने वाले संशोधित दिशा निर्देश 2015 जारी किए हैं, जो पिछले वर्ष अगस्‍त से प्रभावित हो गए हैं। ये दिशा निर्देश अनाथ, बेसहारा और सौंपे गए बच्‍चों के लिए अधिक प्रभावी विनियमों के लिए जारी किए गए हैं ताकि बच्‍चों को गोद लेने की प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभा‍वी बनाया जा सके।

केंद्रीय दत्‍तक ग्रहण संसाधन सूचना मार्गदर्शन प्रणाली (केरिंग्‍स) को बच्‍चों को गोद लेने में सुविधाजनक बनाने के उद्देश्‍य से एक ई-गर्वनेंस उपाय के रूप में सृजित किया गया है। संशोधित दिशा निर्देश और नई आईटी सक्षम गोद लेने वाली प्रणाली –केयरिंग्‍स बच्‍चा गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाती है जिसके तहत देश के सभी बाल देखभाल संस्‍थानों को एक एकीकृत प्रणाली के तहत लाया गया है।

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