ना लगता जीवन नीरस सा, सुधबुध मेरी ना खोती,
कितना अच्छा होता जो तुम से मुलाकात ही ना होती,
दिन के चमकते उजालों में,
ना सोया सोया रहता,
जागते हुए भी सपनों में,
ना खोया-खोया रहता,
ना जलती देह विरहाग्नि में,जिन्दगी यूँ बरबाद ना होती,
कितना अच्छा होता जो तुम से मुलाकात ही ना होती,
ना काया ठूठ सी होती,
ना अधर ही नीरस होते,
ना उलझे-उलझे होते केश,
ना नैना रक्त-अश्रु रोते,
वसंत में भी जिन्दगी मेरी सूखे उपवन सी ना होती,
कितना अच्छा होता जो तुम से मुलाकात ही ना होती,
ना आग लगाता पावस तन में,
ना हिया जलाती चांदनी,
ना ऋतुराज कंटक चुभाता,
ना विरह की गाता रागनी,
जीवन चमन सा महकता, आनन्द की बरसात होती,
कितना अच्छा होता जो तुम से मुलाकात ही ना होती,
संपर्क – गाँव & पोस्ट : कुलोठ खुर्द
तह0 : सूरजगढ़
जिला : झुन्झुनू (राजस्थान)
पिन : 333033
