गणतंत्र दिवस : मध्यप्रदेश और रीवा की पहचान “सफेद शेर”

गणतंत्र दिवस  : मध्यप्रदेश और रीवा की पहचान  “सफेद शेर”

 मुकेश मोदी ———————— मध्यप्रदेश में इस बार गणतंत्र दिवस पर 7 जगह पर निकलने वाली झाँकियों में सफेद शेर दिखेंगे। भोपाल सहित अन्य 6 जगह रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सिंगरौली और सीधी जिले में गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभाग की निकलने वाली झाँकियों के साथ सफेद शेर पर केन्द्रित झाँकी को भी शामिल किया गया है। index

सफेद शेर की वजह से रीवा की चर्चा दुनिया भर में होती है। रीवा के नजदीक मुकुंदपुर में विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी तथा जू एण्ड रेस्क्यू सेंटर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। सफारी के 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में से मुकुंदपुर चिड़िया-घर 75 हेक्टेयर में तथा 25 हेक्टेयर में व्हाइट टाइगर सफारी का निर्माण किया गया है। मुकुंदपुर सफारी में सफेद बाघ की वापसी न केवल इस क्षेत्र के लिये, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिये गौरव का विषय है। रीवा में एक बार फिर सफेद शेर अपने घर पूरी शान-शौकत से लौटा है।

 सफेद बाघ सामान्य बाघ की ही संतान है, लेकिन इसे विलक्षण सफेद रंग मिला है जींस के म्यूटेशन से। इसकी कोई अलग प्रजाति नहीं है। यह शुद्ध भारतीय बाघ है। सफेद और पीले बाघ एक ही माँ की संतान हैं, इनकी आदतें, रहवास और व्यवहार एक जैसा ही।

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल हो रहा है सफेद शेर

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड में भी मध्यप्रदेश की झाँकी इस बार सफेद शेर पर केन्द्रित की गयी है। नई दिल्ली में निकलने वाली झाँकी में सफेद शेर के जीवन को दिखाया गया है। झाँकी के दोनों ओर लगभग 15 सफेद शेर अठखेलियाँ करते हुए प्रदर्शित किये गये हैं। सफेद शेर मोहन रीवा के महाराज मार्तण्ड सिंह के भव्य गोविंदगढ़ महल के बाड़े में रहता था।

सफेद शेर के जरिये मध्यप्रदेश को पुन: पहचान दिलवाने के मकसद से इस वर्ष गणतंत्र दिवस की झाँकियों में इसे प्रमुखता के साथ शामिल किया जा रहा है।

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