बहादुरगढ —————–वर्तमान अध्यक्ष श्री राम किशन सिंघल के नेतृत्व में माहवार कार्यकारणी के बैठक में समस्याओं पर मंथन हुआ — सामान्य प्रशासन के अंतर्गत विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की अकाली से परेशान बहादुरगढ़ के उद्योगपति । 
दैनिक समस्याओं से जूझ रहे उद्योगपतियों के आपसी मंथन तो होते रहते है लेकिन निराकरण अंतत: इस अकालग्रस्त विभागों के हत्थे चढ़ती रही है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता इतने निष्क्रिय है की नाला जाम , बिना ढक्क्न का सीवर, गंदे पानी की जमावड़ा के शिकायतें करते- करते परेशान है लेकिन समाधान वही पतंगेबाजी।
विभाग औद्योगिक नाला के बदले गलियों के नाला से काम चला रही है.जिसके कारण नाला की समस्याऐं गंभीर है।
बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में शाम ढलते ही रौशनी गायब। स्ट्रीट लाइट का कहीं नामोनिशान नहीं है, कहीं है भी तो ट्यूब नहीं है , अर्थात मेंटिनेंस के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र को मूर्ख बनाने का काम जारी है।
आवागमन के लिये सडक (फेज द्व) नाम मात्र की है , अर्थात नाम बडे और दर्शन छोटे। स्टार्ट अप हरियाणा का स्लोगन देने में तो लालपरी की तरह है मगर मूर्ति रुप देने में नाक सीधे नहीं होते। टिकरीबार्डर से लेकर रोह्द , गणपतिधाम का भौतिक सत्यापन करें तो निश्चित ही यहां उद्योग लगाना दुर्गम है। लेकिन यहां फंसे उद्योगपति -हारे के हरिनाम कि तरह है ।
बिजली बिभाग की तो चांदी ही चांदी है। इस क्षेत्र से उत्तर बिजली वितरण निगम को करोड़ों की आमदनी है। पैसा ठगने के लिए अनाप सनाप (वापसी का लोभ देकर) ऊपरी कर ठोक रही है। बिल वितरण तो रंगदारी ही जैसा है। उपभोक्ता को समय भी नहीं दी जा रही है। निश्चित तिथि के मात्र अगले दिन पैनल्टी देना पड़ता है।
सभी समस्याओं का समाधान हेतु संबंधित विभागों से तालमेल बैठाने का प्रयास किया जाता रहा है लेकिन विभाग तीन-ताल पर होते हैं। ई०एस०आई०सी० की सेवा उद्योगजगत के कर्मचारियों के लिए असंतुष्ट है।
इस बैठक में श्री वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विकास आंनन्द सोनी ,संयुक्त सचिव श्री हरि शंकर बाहेती , श्री मनोज सिंघल, कोषाध्यक्ष श्री जे०के०अग्रवाल सहित अन्य उद्योगपति उपस्थित थे.
