प्रतापगढ़ ——- जिला कारागृह में नवरात्र के दिनों में आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित हुए। नवरात्र के अंतिम दिन गुरुवार को कारागृह में बंदियों द्वारा हवन कर पूर्णाहुति दी गई।

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ बताया कि जिला कारागृह में हवन कार्यक्रम के अंतर्गत बंदियों ने कारागृह स्थित मंदिर में गणपति पूजन, षोडश मातृका, सप्तघृत मातृका, नवग्रह, रूद्र आदि की स्थापना कर हवन किया गया।
इस दौरान बंदियों ने हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, बजरंग बाण, संकट नाशक स्रोत, भैरव मंत्र तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। हवन कार्यक्रम में बंदियों ने प्रण लिया कि भविष्य में वे आपराधिक कृत्यों में लिप्त नहीं रहेंगे तथा सत्कर्म अपनाएंगे।
कार्यक्रम में हवन के लिए सुनील द्विवेदी तथा हेमंत शर्मा को आमंत्रित किया गया था। बंदियों ने हवन के द्वारा आगामी चुनाव में अपने परिजनों को अधिकाधिक वोट करने हेतु प्रेरित करने, पर्यावरण बचाने के उपाय करने, स्वच्छता संकल्प, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, समाज में अपराध की कमी, आपसी भाईचारे में वृद्धि तथा विश्व शांति की कामना भी की।
नवरात्र के दौरान कारागृह के 300 बंदियों में से एक तिहाई बंदियों ने व्रत उपवास रखें। तीन बंदी रोहिताश , ललित तथा लालचंद ने नवरात्रि के द्वारा मात्र जल का प्रयोग किया। इसी प्रकार दो मुस्लिम बंदियों गुलशेर तथा मोहम्मद अयूब ने 9 दिन अखंड व्रत रखकर भाईचारे तथा सर्वधर्म समभाव की मिसाल कायम की।
हवन के उपरांत सभी बंदियों को प्रसाद वितरित किया गया। बंदियों ने विचाराधीन महिला बंदी सुन्दरी की 1 वर्षीय पुत्री कृष्णा का कन्या पूजन भी किया।
नवरात्र के दौरान बंदियों ने कारागृह स्थित मंदिर में माता की मूर्ति स्थापित कर प्रतिदिन सुबह-शाम आरती कर कारागृह के वातावरण को धर्ममय बना दिया। प्रतिदिन मां के विभिन्न रूपों का पूजन कर प्रेरणा ग्रहण की।
इस दौरान कारागृह का वातावरण सकारात्मक एवं भक्तिमय रहा । नौ दिन तक कारागृह में मां के भजन बंदियों ने गाएँ। कार्यक्रम में व्यवस्थाएं बनाने के लिए मुख्य प्रहरी अनिल कुमार, आरएसी के भंवर लाल, रणजीत सिंह, श्याम कटारा इत्यादि ने सहयोग किया।
