शराब अभिशाप : “हम सब का यह अभियान है, नशा मुक्ति पैगाम है”

शराब  अभिशाप : “हम सब का यह अभियान है, नशा मुक्ति पैगाम है”

पटना ——— माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने ठीक ही कहा ‘‘बिहार जो एक बार ठान लेता है, उसे पूरा करके रहता है।’’ जन शिक्षा निदेशालय के द्वारा पूरे राज्य भर में मद्य निषेध के लिए जन अभियान चलाया गया है। डेढ  लाख से अधिक साक्षरता कार्यकर्ता, टोला सेवक, तालिमी मरकज के स्वयंसेवी, कला-जत्था, प्रेरकों द्वारा नशा-मुक्ति के पैगाम को घर-घर पहुँचाने का काम किया गया।Wine-sharab-drinking-drink

अबतक 38 जिलों के 124 कला-जत्था समूहों के द्वारा 8105 स्थानों पर शराब के अभिशाप से संबंधित नुक्कड  नाटक प्रदर्शित किये गये, 08 लाख 95 हजार 405 स्थानों पर नारे लिखे गये। 01 करोड 19 लाख माता-पिता, अभिभावकों ने शराब नहीं पीने का संकल्प लिया।

आज से पूरे राज्य में देशी और मसालेदार शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो गया है। इस अवसर पर आज 01 अप्रैल, 2016 को 38 जिला मुख्यालयों में प्रभात फेरी निकाली गयी।

कला-जत्था के कलाकार ढ़ोल-झाल के साथ गीत-गाते सड़कों पर निकल पड़े और गीत-संगीत के माध्यम से नशा के खिलाफ उन्होंने आवाजें बुलंद कीं। स्कूली बच्चे, साक्षरता के कलाकार, पुलिस पदाधिकारियों एवं समाज सेवियों ने इस प्रभात फेरी में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। अधिकांश स्थानों पर जिला पदाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक ने प्रभात फेरी का नेतृत्व किया।

मधुबनी, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर आदि स्थानों में सायंकाल में मशाल जुलूस भी निकाला जा रहा है। अभी तक प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 38 जिला मुख्यालय एवं 300 से अधिक प्रखंड मुख्यालयों में शराब बंदी को लेकर संकल्प रैली निकाली गई।

हर स्थानों पर लोगों ने संकल्प लिया कि नशापान नहीं करेंगे, नशा से दूर रहने के लिए सब को प्रेरित करेंगे। जहाँ कहीं भी शराब के बनाने एवं बिक्री करने की सूचना मिलेगी, पुलिस / मद्य निषेध विभाग को भी सूचित करेंगे।

अपनी सेहत के लिए, आर्थिक विकास के लिए, महिलाओं के सम्मान के लिए, बच्चों के भविष्य के लिए सरकार के मद्य निषेध के कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

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