जल-वन-नर्मदा-भोपाल जन-जागरूकता अभियान

जल-वन-नर्मदा-भोपाल जन-जागरूकता अभियान

भोपाल (सुनीता दुबे)———सघन वनों से निकली नर्मदा की धारा को हमेशा अविरल रखने के लिये 2 जुलाई को प्रदेश में 5 करोड़ पौधों का रोपण होगा।

वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने यह बात आज यहाँ जल-वन-नर्मदा-भोपाल जन-जागरूकता अभियान में हुई चित्रकला, निबंध और फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कही।

अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अनिमेष शुक्ला, सदस्य सचिव राज्य जैव विविधता बोर्ड श्री आर. श्रीनिवास मूर्ति और प्रसिद्ध साहित्यकार श्री अमृतलाल वेगड़ भी मौजूद थे।

डॉ. शेजवार ने कहा कि पुराणों में वर्णित है कि नर्मदा सूख चुकी नदियों का वैभव लौटायेंगी। आज सैकड़ों हजारों वर्ष बाद उज्जैन में क्षिप्रा नदी और कालीसिंध-गंभीर नदियों को नर्मदा जल से पुनर्जीवित करने से यह बात चरितार्थ होने लगी है। उन्होंने जैव विविधता बोर्ड की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यावरण सुरक्षा, पौध-रोपण, प्रदूषण नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन अन्तत: जैव-विविधता से जुड़ते हैं, ऐसे में जन-जागरूकता का यह अभियान सराहनीय है।

डॉ. शेजवार ने कहा कि नर्मदा को मनुष्य की नहीं बल्कि मनुष्य को नर्मदा की आवश्यकता है। नर्मदा यात्रा से लोगों में जागरूकता आई है सैकड़ों टन फूल माला के रूप में मिलने वाला कचरा कम हुआ है। लोगों ने धार्मिक महत्व के साथ इसके पर्यावरणीय महत्व को समझा है। साधु-संत भी सम्मान और उत्साह के साथ यात्रा में भाग ले रहे हैं।

डॉ. शेजवार ने नर्मदा नदी की पैदल परिक्रमा करने और नर्मदा पर अनुपम साहित्य सृजन करने वाले प्रख्यात साहित्यकार श्री अमृतलाल वेगड़ का शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। डॉ. शेजवार ने निबंध प्रतियोगिता में मेहल अजमेरा, रिया जैन, महक जैन, पूजा कुशवाहा, महेश सोनी, कुमारी नीतू दोशी और राजाराम रावते को पुरस्कृत किया। चित्रकला प्रतियोगिता में अंतरिक्ष सेठिया, आरूषि रंजन, राजदीप मिर्धा, राजू प्रसाद विश्वकर्मा, आरती सिंह और निधि बर्मन को पुरस्कृत किया गया।

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