अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के छत्तीसगढ़ में पूर्ण क्रियान्वयन के लिए top priority agenda बनाकर इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लक्ष्य भारतीय न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाना है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को इसकी और ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण क्रियान्वयन को एक चुनौती के रूप में लेकर इन्हे जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने।
श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (DSP)स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारियों को गंभीरअपराध के मामलों में NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सप्ताह में एक बार, राज्य के गृह मंत्री हर 15 दिन और मुख्यमंत्री महीने में एक बार राज्य में नए आपराधिक कानूनों के अमल की प्रगति की समीक्षा करें।
