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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक का अग्रिम भण्डारण रहे ताकि आवश्यकता के समय उर्वरक की कमी नहीं हो। उन्होंने खरीफ के लिये उर्वरक भण्डारण की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिये। श्री चौहान कृषि विभाग की समीक्षा कर रहे थे। सहकारिता मंत्री श्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव श्री अंटोनी डि सा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को मौसम के बदलावों का सामना करने के लिए शिक्षित किया जाये। कृषि विस्तार अधिकारी और किसान मित्र, क्षेत्र का सघन भ्रमण कर किसानों को सम-सामयिक सलाह दें। फसल सुरक्षा संबंधी जानकारियों के एस.एम.एस. अलर्ट भेजें। गाँवों में डोंडी पिटवाये और अन्य प्रचार साधनों का उपयोग करें। मौसम के अनुरूप औषधियों और कीटनाशकों के उपयोग की आवश्यक जानकारी किसानों को दी जाए। उनकी उपलब्धता के भी प्रभावी प्रबंध किये जाये। श्री चौहान ने कहा कि किसानों को एग्रो क्लाइमेटिक जोन और बाजार की मांग एवं आपूर्ति के अनुसार फसलों का चयन करने के लिये शिक्षित करें। इसी अनुसार फसल-पद्धति अपनाने उर्वरकों, औषधियों एवं कीटनाशकों के उपयोग आदि के संबंध में सूचित किया जाये। इसके लिये अप्रैल-मई माह में विशेष जागृति अभियान चलाया जाए। इस दौरान उर्वरकों के अग्रिम भंडारण के लिए भी कृषकों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने धान खरीदी कार्य की जानकारी ली। निर्देश दिए कि धान की खरीदी सही दाम पर हो। विभाग इस कार्य की सतत् निगरानी करें। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा उर्वरक वितरण कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए 154 दल गठित किए गए थे। जिनके द्वारा 1398 निरीक्षण किए गए हैं। विभिन्न प्रकार के 313 प्रकरण बनाए गए। प्रदेश के जैविक खेती करने वाले लगभग एक लाख किसानों का डाटाबेस तैयार कर लिया गया है। प्रदेश की फार्म-पॉवर में भी वृद्धि हुई है। यह प्रति हेक्टर शून्य दशमलव आठ किलोवॉट से बढ़कर 1.36 किलोवॉट प्रति हेक्टेयर हो गई है। इस अवसर पर वर्षा के प्रभाव एवं पाले से बचाव के संबंध में किए जाने वाले प्रयासों की भी जानकारी दी गई है। अभी तक रबी फसलों की कुल 102.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हो चुकी है। गेहूँ का 58.74, चना का 34.82 और सरसों का 8.14 लाख हेक्टेयर फसल आच्छादन हुआ है। यूरिया उर्वरक का 5.81 लाख मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र द्वारा और 3.62 लाख मीट्रिक टन निजी क्षेत्र द्वारा वितरण हुआ है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री आर.के. स्वाईं, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजयनाथ और प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा भी उपस्थित थे। |
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| अजय वर्मा |
