उद्यमियों को सुविधाएं मुहैया करवाना प्रशासन की प्राथमिकता : सुशील सारवान

झज्जर, 10 नवंबर- अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान ने डीएलसीसी और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला झज्जर में उपायुक्त सोनल गोयल के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन के लिए सरकार की नीतियों के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
10 ADC Meeting
उन्होंने कहा कि प्रशासन इस बात के लिए निरंतर प्रयासरत है कि जिले में ज्यादा से ज्यादा उद्योग आएं और युवाओं को रोजगार मिले। श्री सारवान ने कहा कि युवा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करें प्रशासन हर तरह की मदद को तत्पर है।

एडीसी ने कहा कि जिला में उद्योग लगानेे के इच्छुक व्यक्ति या निवेशक सरकार के पोर्टल पर संबंधित विभागों से क्लीयरेंस के लिए आवेदन करना होगा,जिसके उपरांत विभाग आगामी कार्यवाही करते हुए तय समय सीमा में निवेशक को सुविधाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को एक छत के नीचे विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली एनओसी प्रक्रिया शुरू की हुई है। विभागों को भी उपायुक्त की ओर से निर्देश जारी किए हैं कि उद्यमियों व स्वरोजगार शुरू करने इच्छुक प्रार्थियों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान ने अधिकारियों को निर्देेश दिए कि बैठक के दौरान अपने अपने विभाग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट भी साथ लाएं ताकि फाईलों के स्टेटस का पता चल सके।

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला उद्योग के संयुक्त निदेशक को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने स्तर पर सभी आवेदनों की समीक्षा करेंगे साथ ही संबंधित विभागों से निरंतर समन्वय बना कर प्रक्रिया को अंतिम स्तर पर लाए।

इस अवसर पर उद्योग विभाग के नगराधीश नगराधीश अश्विनी कुमार, सीईओ जिला परिषद शिखा, जीएम डाआईसी आर के राणा, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र सिंह ढुल , सहायक निदेशक रोहताश, केवीआईबी ओमप्रकाश, केवीआईसी अरूण कुमार , डीएफएससी अशोक शर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 दिसंबर ———- राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के आदेशानुसार 9 दिसंबर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम राजेश कुमार यादव ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लंबित विवादों का निपटारा करने के लिए 9 दिसंबर को कोर्ट परिसर में गठित बैंच केसों की सुनवाई करेंगी।

सचिव एवं सीजेएम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करने का मकसद पुराने विवादों को आपसी भाई-चारे और न्यायपूर्ण तरीके निपटाना है।

उन्होंने बताया कि सभी कपाउंडेबल विवाद जिनमें सजा का प्रावधान दो वर्ष से कम , पारिवारिक विवाद, किराया विवाद, बैंकों से संबंधित लोन या चेक बांउस आदि, सरकारी विभागों के आपसी विवाद, मनरेगा, बिजली, पानी, बिल विवाद, जमीन जायदाद से संबधित विवाद जैसे इंतकाल, यातायात से संबधित चालान व अन्य मामले,नगरपरिषद एक्ट के तहत विवाद, श्रमिक विवाद सहित अन्य पुराने विवाद जिन्हें अदालत उपयुक्त समझें, राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाएं जाएंगे।

राजेश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विवाद पूरी न्यायायिक प्रक्रिया के तहत ही निपटाएं जाते हैं। इसलिए वादियों और आमजन को इन अदालतों का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए । उन्होने कहा कि जिन लोगों के विवाद लंबित है, वे अपने वकील के माध्यम से अपने विवाद को जल्द निपटारे के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में ला सकते हैं।