Chet GTP और घिबली स्टाइल जैसी नई तकनीकों के पीछे पागल

Chet GTP और घिबली स्टाइल जैसी नई तकनीकों के पीछे पागल

आजकल पूरी दुनिया Chet GTP और घिबली स्टाइल जैसी नई तकनीकों के पीछे पागल हो रही है। कला और एआई का यह मिश्रण भले ही देखने में आकर्षक लगे, लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि इसके प्रभाव हमारे मस्तिष्क की क्षमता को धीरे-धीरे कम कर रहे हैं।

Ghibli Styles  एनीमेशन और आर्ट का एक विशेष रूप है, जिसमें भावनाओं और कल्पना की उड़ान होती है। लेकिन अब, जब Chet GTP जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, तो यह सब कृत्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। लोग वास्तविक सोच और रचनात्मकता से दूर होते जा रहे हैं। हर चीज़ कंप्यूटर-जनित होती जा रही है, और हम बिना सोचे-समझे इसे स्वीकार कर रहे हैं।

हमारी ज़िंदगी पहले ही किसी कार्टून से कम नहीं थी, और अब यह पूरी तरह से डिजिटल कल्पना में बदलती जा रही है। सोचने, विश्लेषण करने और गहराई से समझने की क्षमता खत्म हो रही है। विदेशी तकनीक हमारे ऊपर हावी हो रही हैं और हमें उसका गुलाम बना रही हैं। हम हर चीज़ को एक आकर्षक प्रस्तुति के रूप में देख रहे हैं, पर इसके पीछे के नुकसान को नहीं समझ पा रहे हैं।

हमको पहले भी गुलाम बनाया गया था नए योग के समान बेंच के हमको सूट बूट के  से अंग्रेजों ने हम को गुलाम बनाया था  हर युग में हम भारतवासियों को गुलाम बनने की सोच रही है यह विदेशियों की  हम आज के युग में मानसिक गुलाम बनते जा  हैं

क्या यह सही दिशा है? क्या हम अपने दिमाग और समाज की मूलभूत संरचना को इस तरह बदलने के लिए तैयार हैं? इस पर गंभीर मंथन की जरूरत है।

धीरज कश्यप
नोएडा

dainikkhabar.org@gmail.com

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