पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड और कर्नाटक में जिस तरह मुख्यमंत्री बदले गए हैं, क्या इस प्रक्रिया के पीछे छिपे गहरे अर्थ को हम समझ पा रहे […]
Category: संपादकीय
हिंदी में हस्ताक्षर से क्यों न करें शुरुआत– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हर 14 सितंबर को भारत में हिंदी-दिवस मनाया जाता है। वह एक सरकारी औपचारिकता बनकर रह जाता है। यदि भारत की विभिन्न सरकारों और जनता […]
हिंदी दिवस की औपचारिकता —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हिंदी दिवस हम हर साल 14 सितंबर को मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा बनाया था। लेकिन क्या […]
मुख्यमंत्री बीच में ही क्यों बदले जाते हैं? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत की दोनों प्रमुख अखिल भारतीय पार्टियों— भाजपा और कांग्रेस— में आजकल जोर की उठापटक चल रही है। यदि कांग्रेस में पंजाब और छत्तीसगढ़ के […]
मुसलमान भी हिंदू ही हैं ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने मुंबई की एक सभा में कहा कि मुसलमान नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-टूक रवैया अपनाना चाहिए। […]
बेलगाम बोलने-लिखने पर रोक —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय ने आज वेब पोर्टल्स और यू ट्यूब चैनलों पर चल रहे निरंकुश स्वेच्छाचार पर बहुत गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है […]
सच बोलने की हिम्मत किसमें है ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी. वाय. चंद्रचूड़ ने सत्यनिष्ठता की जबर्दस्त वकालत की है। वे छागला स्मारक भाषण दे रहे थे। उनका कहना है कि […]
काबुलः भारत अपंगता छोड़े — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
यह खुशी की बात है कि अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों की सकुशल वापसी हो रही है। भारत सरकार की नींद देर से खुली लेकिन अब […]
हर आदमी को न्याय कैसे मिले ? —- डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश एन.वी. रमन ने आज भारत की न्याय-व्यवस्था के बारे में दो-टूक बात कह दी है। विज्ञान भवन के एक समारोह में […]
शादियों में मजहब का अड़ंगा ? —— डॉ.वेदप्रताप वैदिक
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड ने भारत के मुसलमानों के नाम आज एक अपील जारी करके कहा है कि वे किसी गैर-मुस्लिम से शादी […]
