अपने देश में कल दो घटनाएं ऐसी हुई हैं, जिन्हें लेकर भारत के धर्मध्वजियों और नेताओं को विशेष चिंता करनी चाहिए। पहली घटना हैदराबाद में […]
Category: संपादकीय
धन और सेक्स ही स्वर्ग
महिला या औरतों का एक ही ऑब्जेक्टिव — धन और सेक्स। ये दोनो उसे जहां मिल जाती है , उसके लिय स्वर्ग या भगवान वही […]
आतंक का जवाब आतंक नहीं— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
2008 में अहमदाबाद में हुए आतंकी हमले के अपराधियों को विशेष अदालत ने जो सजा सुनाई है, वह स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी सजा है। […]
महामारी मुआवजाः राज्यों की खिंचाई —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय ने उन प्रदेश-सरकारों को कड़ी झाड़ लगाई है, जिन्होंने कोरोना महामारी के शिकार लोगों के परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। […]
सुभाष बाबू की याद ! वाह !! —- डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे गणतंत्र दिवस पर यों तो सरकारें तीन दिन का उत्सव मनाती रही हैं लेकिन इस बार 23 जनवरी को भी जोड़कर इस उत्सव को […]
9 जनवरी : भारत में भारतीय प्रवासी दिवस — डॉ0 वेद प्रताप वैदिक
9 जनवरी को भारत में भारतीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है। लेकिन आज इसे लेकर देश में ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दी, क्योंकि एक तो […]
युद्ध से बेहतर संवाद — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत और चीन के बीच पहले फौजी मुठभेड़ हुई और फिर सीमा पर इतना तनाव हो गया, जितना 1962 के युद्ध के बाद कभी नहीं […]
आदर्श ग्रामः कमाल के फैसले — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हरयाणा के एक गांव उटावड में ग्राम महापंचायत ने बड़े कमाल के फैसले लिये हैं। ग्रामीणों की इस महापंचायत ने यह घोषणा की है कि […]
अमीरी और गरीबी की खाई—- डॉ. वेदप्रताप वैदिक
अब से लगभग 60 साल पहले जब मैं प्रसिद्ध फ्रांसीसी विचारक पियरे जोजफ प्रोधों को पढ़ रहा था तो उनके एक वाक्य ने मुझे चौंका […]
इस्लामी देशों में बदलाव की हवा —- डॉ. वेदप्रताप वैदिक
इस्लामी जगत में आजकल इतना बदलाव आ रहा है, जिसकी कल्पना अब से दस-बीस साल पहले कोई कर भी नहीं सकता था। इस्लाम के गढ़ […]
