भारत में शिक्षा और चिकित्सा की जितनी दुर्दशा है, उतनी तो कुछ पड़ौसी देशों में भी नहीं है। ये दो क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें यदि […]
Category: संपादकीय
हम भी इज्जतदार हैं— शैलेश कुमार
हम भी इज्जतदार हैं। सुभद्रा को नही जानत है,यादव कहत हैं,हम भी इज्जतदार हैं। ब्रह्मा को नही जानत हैं ब्राह्मण कहत हैं , हम भी […]
भारत में गरीबों की कितनी दुर्दशा— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत में गरीबों की हालत कितनी शर्मनाक है। आजादी के 74 वर्षों में भारत में अमीरी तो बढ़ी है लेकिन वह मुट्ठीभर लोगों और मुट्ठीभर […]
अंग्रेज से ज्यादा खतरनाक अंग्रेजी— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भाजपा सरकार ने मानव-संसाधन मंत्रालय नाम बदलकर उसे फिर से शिक्षा मंत्रालय बना दिया, यह तो अच्छा ही किया लेकिन नाम बदलना काफी नहीं है। […]
कृषि-कानूनों पर शुभ शीर्षासन — डॉ0 वेद प्रताप वैदिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि-कानूनों को वापस लेने की स्पष्ट घोषणा कर दी है। इस घोषणा का हार्दिक स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि यह […]
दुबई तो छोटा-मोटा भारत ही है डॉ. वेदप्रताप वैदिक
परसों शाम जब हम लोग दुबई पहुंचे तो हमने इस बार वह दुबई देखा, जो पहले कभी नहीं देखा। यह कोराना महामारी का कमाल था। […]
बिरसा मुंडाः आदिवासी कल्याण— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
आज महान आदिवासी योद्धा बिरसा मुंडा का जन्म-दिन है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन का उद्घाटन किया और […]
भाजपा : चुनाव की चुनौती — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक अब लगभग दो साल बाद हुई, जबकि उसे हर तीसरे महिने होनी चाहिए थी। उसे नहीं करने का […]
भारत प्रदूषणमुक्त कैसे हो ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी दिल्ली को माना जाता है। इस दिवाली के दौरान दिल्ली ने इस कथन पर अपनी मोहर लगा दी है। दिल्ली […]
पोप, मोदी और पोपलीला — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस भावभीने ढंग से वेटिकन में पोप फ्रांसिस से मिले, उसके फोटो अखबारों और टीवी पर देखकर कोई भी चकित हो […]
