पेसूका ———सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार का विजन राष्ट्र को सतत विकास […]
Category: मुद्दे
आतंकवाद, उग्रवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी के खतरे की चिंता भारत और किर्गिस्तान के लिए एक समान – राष्ट्र्पति
पेसूका(राष्ट्रपति सचिवालय)———–राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने किर्गिस्तान गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री अलमाज्बेक शरशेनोविच अतामबेव एवं उनकी पत्नी श्रीमती राइसा अतामबेव की कल (20 दिसंबर,2016 […]
अज्ञात चंदे पर पाबंदी के लिए कानून में संशोधन -चुनाव आयोग
नयी दिल्ली:(जी न्यूज) चुनावों में कालेधन के प्रयोग पर रोक लगाने के प्रयास में चुनाव आयोग ने सरकार से अनुरोध किया है कि राजनीतिक दलों […]
आयकर अधिनियम, 1961 के तहत राजनीतिक दलों की स्थिति का स्पष्टीकरण
वित्तमंत्रालय——— कुछ समाचार पत्रों में छपी रिपोर्ट से इस तरह के गलत संकेत मिलते हैं कि पुराने करेंसी नोटों को जमा करने के परिप्रेक्ष्य में […]
भारत और इंडोनेशिया अतिवाद और असहिष्णुता के खिलाफ बचाव उपलब्ध करायेंगे : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति सचिवालय (पेसूका)— राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कल (12 दिसम्बर, 2016) राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री जोको विडोडो तथा मैडम इरियाना […]
लुधियाना से महिला उम्मीदवार अवश्य घोषित करे – बेलन ब्रिगेड
लुधियाना:: सरकार राजनीति में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी देने का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन वर्तमान हालात देखकर ऐसा लगता है कि कोई भी […]
100 मिलियन से अधिक बच्चे हैं, ‘विद्यालयों से बाहर’–राष्ट्रपति
राष्ट्रपति सचिवालय —-राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज ( 11 दिसंबर, 2016) राष्ट्रपति भवन में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘100 मिलियन के लिए […]
चारबाग की Philosophy ऋणम कृत्वा, घृत्तम पीवेत’’ हिन्दुस्तान को स्वीकार नहीं —
अरे देश को भी तो पता चलना चाहिए बनासकांठा जिला, पाकिस्तान की सीमा पर, बिना पानी; बिना बरसात; रेगिस्तान जैसी जिंदगी गुजारता हुआ इंसान अपने […]
आइये, हम हर जगह बाल अधिकारों के संरक्षण एवं उन्हें पूरा करने के महान दायित्व के प्रति खुद को प्रतिबद्ध करें: राष्ट्रपति
पेसूका–(राष्ट्रपति सचिवालय)—इस अवसर पर बोलते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें स्कूलों में […]
मजबूत लोकतंत्र के लिये चुनाव सुधार आवश्यक – राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी
राष्ट्रपति सचिवालय (पेसूका)—–राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में बताया कि भारत ने 1950 में संविधान को अंगीकृत किया और पहला आम चुनाव 1952 में हुआ। प्रारंभिक […]
