नेट ज़ीरो के लिए कार्बन कैप्चर और स्टोरेज पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता पड़ेगी महंगी

लखनऊ (निशांत सक्सेना)        ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्मिथ स्कूल ऑफ एंटरप्राइज एंड द एनवायरनमेंट की एक हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि […]

वैश्विक विशेषज्ञों ने टॉप 10 जलवायु विज्ञान अंतर्दृष्टियों का किया अनावरण

लखनऊ (निशांत सक्सेना)          एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, सामाजिक और प्राकृतिक विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने वार्षिक “जलवायु विज्ञान में 10 नई […]

अब अस्पताल भी बंद कराएगा जलवायु परिवर्तन

लखनऊ (निशांत सक्सेना)—-  अस्पतालों पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। और यह खतरा लाई है बदलती जलवायु। जी हाँ, सही पढ़ा। चरम मौसम की घटनाएँ अस्पतालों […]

कृषि पर जलवायु संकट का गंभीर खतरा, फसल विविधीकरण और लचीली कृषि पद्धतियाँ अब बेहद प्रासंगिक

लखनऊ (निशांत सेक्सेना)     भारत के 40% कार्यबल को रोजगार देने वाला कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन से गंभीर खतरे में है। फसल पैदावार कम होने […]

COP 28 शुरू, क्या बन पाएगी लॉस एंड डैमेज फंड संचालन पर आम सहमति ?

लखनऊ  (निशांत सेक्सेना)   संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा बैठक दुबई में आज से शुरू हो गयी है और इसकी सफल शुरुआत को ले कर तमाम कयास […]

अपने नेट-जीरो लक्ष्‍यों के लिये होगी भारत को 101 बिलियन डॉलर की जरूरत

लखनऊ  (निशांत सेक्सेना)      भारत वर्ष 2030 तक अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाने की योजना पहले से ही […]

चीन के बाहर वैश्विक कोयला बिजली निर्माण पहुंचा रिकॉर्ड निचले स्तर पर, COP28 से बढ़ी उम्मीदें

लखनऊ (निशांत सेक्सेना)        एक बेहद सकारात्मक घटनाक्रम में, संयुक्त राष्ट्र की 28वीं जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी28) के इस सप्ताह दुबई में शुरू होने से ठीक पहले, ग्लोबल […]

फॉसिल फ्यूल उत्पादकों को गहराते जलवायु संकट में बनना होगा समाधान का हिस्सा

लखनऊ (निशांत सेक्सेना) आईईए के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, आज की नीतिगत व्यवस्था के तहत भी, तेल और गैस दोनों की वैश्विक मांग 2030 तक […]

दुनिया का एक तिहाई भोजन पैदा करने वाले किसानों को अंतरराष्‍ट्रीय क्लाइमेट फाइनेंस का मिलता है मात्र 0.3 प्रतिशत

लखनऊ (निशांत सेक्सेना)———   दुनिया में उत्‍पादित कुल भोजन के एक तिहाई हिस्‍से का उत्‍पादन करने वाले लघु स्‍तरीय किसानों को अंतरराष्‍ट्रीय क्लाइमेट फाइनेंस या  जलवायु वित्‍त का महज 0.3 प्रतिशत हिस्सा ही […]

वार्मिंग को 2.5-2.9°C तक रोकने के लिए मौजूदा से अधिक प्रयास ज़रूरी

लखनऊ (निशांत सेक्सेना)    एक कड़ी चेतावनी देते हुए, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की नवीनतम एमिशन गैप रिपोर्ट दुनिया के तमाम देशों के लिए […]