मुजफ्फरपुर———–सदियों से यह माना गया है कि शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है. मानव सभ्यता का अस्तित्व शिक्षा से ही जुड़ा हुआ है. […]
Category: बिहार
बिहार में लागू ‘प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना’ देश के लिए बनी नजीर – मुरली मनोहर श्रीवास्तव
वर्ष 2005 से पहले बिहार को लालटेन युग से जाना जाता था। यहां पर बिजली की खास्ता हालत थी। गांव की बात छोड़िए, शहर में […]
लैंगिक भेदभाव से मुक्त नहीं हुआ ग्रामीण समाज : सीमा कुमारी
गया—- “दीदी, हमको भी पढ़ने का बहुत मन करता है. लेकिन मम्मी-पापा स्कूल जाने नहीं देते हैं, कहते हैं पढ़ कर का करेगी. चूल्हा-चौका सीख […]
कैसे पढ़ें जब लाइट ही नहीं है ? : पुष्पा कुमारी
गया, ——–“जब जब शाम में पढ़ने बैठते हैं तो लाइट ही चली जाती है. कई बार तो जल्दी आ जाती है, लेकिन अक्सर घंटों बिजली […]
गांव-गांव तक पहुँच रहा है पीने का साफ़ पानी : प्रेमशीला देवी
गया ———– देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में ‘हर घर नल […]
सेहत के प्रति लापरवाह ग्रामीण महिलाएं : सिमरन सहनी
मुजफ्फरपुर——–कहते हैं कि सेहत हज़ार नेमत के बराबर है। लेकिन इसमें सबसे अधिक लापरवाही ग्रामीण महिलाएं बरतती हैं। जो घर-परिवार का ख्याल रखने के चक्कर […]
सिंचाई के बिना प्रभावित होती कृषि : माधुरी सिन्हा
गया———- देश के निर्माण में शहर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों का भी बराबर का योगदान रहा है. शहर में जहां उद्योग और कल-कारखाने अर्थव्यवस्था […]
योजनाओं से बदल रही है महिलाओं की जिंदगी : रिंकू कुमारी
मुजफ्फरपुर——— देश भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकार अपने अपने स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही […]
बालिका शिक्षा के प्रति उदासीनता विकास में बाधक है : सिमरन सहनी
मुजफ्फरपुर —– हम वैश्विक स्तर पर सुपर पावर बनने की होड़ में हैं. लेकिन लैंगिक असमानता आज भी हमारे समक्ष चुनौतियों के रूप में मौजूद […]
कुपोषित बच्चों से कैसे बनेगा स्वस्थ समाज ? : रिंकू कुमारी
मुजफ्फरपुर, ———- लखींद्र सहनी दूसरे के खेतों में मजदूरी करते हैं. पत्नी के अलावा उनकी छह बेटियां और चार बेटे हैं. सबसे बड़ी बेटी की […]
