सियासत की तस्वीर, मालामाल बनाम फटेहाल ! —सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार)

वाह रे सियासत तेरी महिमा न्यारी! आज देश की क्या स्थिति है वह किसी से भी छिपी हुई नहीं है। कोरोना के कारण सुराक्षा हेतु […]

क्या हाथी को फिर नए महावत की तलाश ! — सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार)

वाह रे सियासत सब कुछ निजी स्वार्थ और सत्ता सुख पर ही निर्भर हो चला है। अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई सिद्धान्त नहीं […]

तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्ति की और असम– डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

असम सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि अगले माह यानी नवंबर में वो राज्य में राज्य संचालित सभी मदरसों और संस्कृत टोल्स […]

नेशनल एयर क्वालिटी मोनिटरिंग प्रोग्राम का डैशबोर्ड लांच

दिल्ली सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर संकट के स्तर पर पहुंच चुका है और बीते सालों […]

नौकरी बनाम रोजगार,बिहार चुनाव आधार!—सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार)

बह चली चुनावी बयार, दिखने लगे सपनों में सत्ता के आसार, शुरू हो गई वायदों की बौछार लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि क्या वास्तव में […]

फसल ख़राबी से किसान हैं परेशान — श्रवण हुर्रा

कांकेर (छत्तीसगढ़) —- नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसानों के साथ सामाजिक संगठनों से लेकर बड़े बड़े राजनीतिक दल विरोध दर्ज करा रहे […]

भारत के दो बैंक भी जैव-विविधता को नुकसान के लिए ज़िम्मेदार

‘बैंकरोलिंग एक्‍सटिंक्‍शन’ नामक जारी एक ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो भारत के दो सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और एचडीऍफ़सी, लगभग 6984 मिलियन […]

1.3 मिलियन बैरल कच्चे तेल का समुद्र में रिसाव का खतरा,

एक ताज़ा मिली जानकारी के मुताबिक़ वेनेजुएला और त्रिनिदाद के बीच, पारिया की खाड़ी में, एक ख़राब और लगभग डूबते तेल टैंकर से 1.3 मिलियन […]