भोपाल :– मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के साथ जबलपुर सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ […]
Author: shailesh
IFC : नई कोयला परियोजनाओं की फंडिंग बंद करने की घोषणा
लखनऊ ( निशांत सक्सेना) विश्व बैंक की निजी क्षेत्र की शाखा, अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने साफ कर दिया है कि वह नई कोयला परियोजनाओं […]
कोयला बिजली: नए निवेशों की रफ्तार धीमी, पुराने प्लांटों को बंद करने पर स्थिति असपष्ट
लखनऊ ( निशांत सक्सेना )——— ग्लोबल एनेर्जी मॉनिटर के नौवें वार्षिक सर्वे की मानें तो भविष्य में अपने कोयले के इस्तेमाल को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर मिले जुले संकेत भेजता रहा है। कोल प्लांट पाइप लाइन पर होने वाले इस सर्वे के मुताबिक़ जहां एक ओर नयी […]
प्रत्येक सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर राजभवन को एक “साप्ताहिक गतिविधि रिपोर्ट”
राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, जो सभी राज्य-सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं, ने कुलपतियों से कहा है कि उन्हें प्रत्येक सप्ताह के अंतिम कार्य […]
बीरभूम जिले के देवचा-पचामी में प्रस्तावित कोयला खदान के खिलाफ आंदोलन
बीरभूम जिले के देवचा-पचामी में प्रस्तावित कोयला खदान के खिलाफ आंदोलन में सबसे आगे चल रहे एक आदिवासी संगठन ने परियोजना को रद्द करने की […]
नेटवर्क के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं : कुमारी रितिका
चोरसौ, गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड ———–आजादी के बाद से देश में संचार ने नई क्रांति ला दी है, वहीं देश के कई गांवों ऐसे है जहां […]
कितना मुमकिन है सभी के लिए स्वस्थ परिवेश उपलब्ध कराना ? : हरीश कुमार
पुंछ, जम्मू ————-कहते हैं कि स्वास्थ्य ही जीवन है. वास्तव में प्रथम सुख ही निरोगी काया को कहा गया है. किंतु आज की व्यस्त एवं […]
शारीरिक रूप से अक्षम को शैक्षिक रूप से सक्षम बनाना ज़रूरी है : रेहाना कौसर
पुंछ, जम्मू ————-हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो किसी न किसी प्रकार से दिव्यांग हैं. केंद्र की सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय […]
नहीं बदली है माहवारी से जुड़ी अवधारणाएं: नैना सुहानी
मुजफ्फरपुर, बिहार—— मासिक धर्म एक ऐसा विषय है जिस से ग्रामीण इलाकों में अनगिनत अंधविश्वास और पुरानी सोच जुड़ी हुई है. सामाजिक प्रतिबंध के कारण […]
कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द ? वंदना कुमारी
मुजफ्फरपुर, बिहार——– भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के मुताबिक […]
