क्यों लड़कियों को पढ़ाने के लिए समाज गंभीर नहीं हैं ? : भारती देवी

पुंछ, जम्मू —— वर्षों बीत जाते हैं यह सुनते सुनते की किशोरियों और महिलाओं पर आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं. दुनिया में इतनी तरक्की हो […]

मन की बात कार्यक्रम : कभी किसी दिव्याँग बच्चे की नज़र से भी देखिये  : दीपमाला पाण्डेय (बरेली की प्रधानाचार्या)

जलवायु परिवर्तन एक ऐसी हक़ीक़त है जिससे अब हम सब धीरे धीरे वाकिफ हो रहे हैं। अब अपने जीवन पर हम उसके असर भी देख […]

मानसिक रोगी भी मूलभूत सुविधाओं के हकदार हैं : आरती शांत

डोडा, जम्मू—————   भारत जैसी बड़ी संख्या वाले देश में दिव्यांगों की भी एक बड़ी तादाद है. अगर आंकड़ों की बात करें तो 2.21 प्रतिशत भारतीय […]

कोयले से अगर दुनिया बना रही दूरी तो रोज़ 100 खदानकर्मियों की बढ़ भी रही मजबूरी  

लखनऊ ( निशांत सेक्सेना)   कोयले से दूरी यूं तो ज़रूरी है, लेकिन उससे नजदीकी बहुतों की मजबूरी भी है। मसलन उन मजदूरों की को कोयला खदानों […]

मुख्यमंत्री को पत्र : आतिशबाजी बेचने की अस्थायी अनुमति के बारे में चिंता : ग्रीन क्रूसेडर्स

कोलकाता :    ग्रीन क्रूसेडर्स ने  मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिवाली से पहले कोलकाता और राज्य में अन्य जगहों पर आतिशबाजी बेचने की अस्थायी अनुमति […]

न्यायिक संगोष्ठी का आयोजन-> कानून और लोकतंत्र के नियम को बनाए रखने में न्यायपालिका की भूमिका

Latestlaws.com :   का हिन्दी रूपान्तरण ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने न्यायिक संगोष्ठी का आयोजन किया, “कानून और लोकतंत्र के नियम […]

20 नवंबर, 2023 तक जारी : रिहाई के योग्य कैदियों की पहचान लाने के लिए  राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू

सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने रिहाई के योग्य कैदियों […]