सीधी ( विजय सिंह )- ग्रामीण महिलाओं को कृषि क्षेत्र में तकनीकी रूप से सशक्त बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि लागत कम करते हुए आय बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड मझौली की ग्राम पंचायत सिलवार में महिला किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी जिला प्रबंधक कृषि विजय शंकर गिरी गोस्वामी के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की व्यवहारिक तकनीकों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने महिलाओं को बताया कि बदलते कृषि परिदृश्य में प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता को संरक्षित करती है, बल्कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर होने वाले अनावश्यक खर्च को भी कम करती है। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर तैयार किए जाने वाले जैविक कृषि आदान किसानों के लिए किफायती होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षण सत्र में सहायक विकासखंड प्रबंधक भरत सोनी तथा प्रशिक्षक कमला कुशवाहा, बिमला कुशवाहा एवं माया सिंह ने महिला किसानों को एसआरए एवं डब्ल्यूआरए की गतिविधियों की जानकारी देते हुए घर पर ही जैविक कीटनाशक तैयार करने की विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने जैविक कीटनाशकों के महत्व, उनके सुरक्षित उपयोग, फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन, कछुआ खाद सहित विभिन्न जैविक उत्पादों के निर्माण एवं उपयोग की विस्तृत जानकारी भी दी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि प्राकृतिक खेती केवल एक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी है। यदि किसान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग करें तो खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में उत्पादों का मूल्य भी बेहतर प्राप्त किया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 40 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा अपने खेतों में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ कृषि में नए प्रयोग करने का अवसर मिल रहा है।
विजय सिंह, स्वतंत्र पत्रकार, सीधी
