• December 20, 2025

न्यूटन के तृतीय नियम : सामान्यीकरण पर आईआईटी रोपड़ : अजय शर्मा

न्यूटन के तृतीय नियम : सामान्यीकरण पर आईआईटी रोपड़ : अजय शर्मा

न्यूटन के तृतीय नियम के सामान्यीकरण पर आईआईटी रोपड़ (IIT Ropar) में आयोजित International Union of Pure and Applied Physics (IUPAP) के सम्मेलन में चर्चा (16–17 दिसंबर, 2025।

क्रिया और प्रतिक्रिया सदैव समान नहीं होतीं, तथा परस्पर क्रिया करने वाले पिंडों के विशिष्ट आकारों के आधार पर प्रतिक्रिया हमेशा ठीक विपरीत दिशा में ही हो, यह आवश्यक नहीं है।

अजय शर्मा ने समान द्रव्यमान और संरचना वाले किंतु भिन्न आकारों के पिंडों का उपयोग करते हुए भौतिक उदाहरणों के माध्यम से इसे प्रदर्शित किया है।

यह प्रतिपादन न्यूटन के तृतीय नियम से भिन्न है, जिसे 340 वर्ष से अधिक पूर्व प्रतिपादित किया गया था और प्रिंसिपिया में प्रकाशित किया गया था।

अजय शर्मा ने न्यूटन के तृतीय नियम का एक सामान्यीकृत रूप प्रस्तावित किया है, जो आकार, असममिति, पदार्थ की संरचना तथा लक्ष्य पिंड की विशेषताओं के प्रभावों को समाहित करता है।

उन्होंने इस प्रतिपादन को अपने पूर्व प्रकाशित शोधपत्रों के प्रमाणों द्वारा विस्तार से प्रस्तुत किया है, जिनमें अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स तथा इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के सम्मेलनों में प्रस्तुतियाँ, तथा साइंस टॉक्स (एल्सेवियर), फिजिक्स एजुकेशन और फिजिक्स एसेज़ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित लेख शामिल हैं।

भौतिकी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिकों एवं वैज्ञानिक संस्थानों ने शर्मा को अपने सिद्धांत की पुष्टि नियंत्रित प्रयोगों के माध्यम से करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को औपचारिक रूप से पत्र लिखा है।

इसके पश्चात हुई चर्चाओं के दौरान उन्हें भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

यह उल्लेखनीय है कि शर्मा ने भौतिकी के मौलिक नियमों के अध्ययन में लगभग 45 वर्ष समर्पित किए हैं।

अजय शर्मा ने लगभग चार वर्ष पूर्व शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्ति ली, जहाँ उन्होंने सहायक निदेशक के रूप में कार्य किया तथा इससे पूर्व भौतिकी के प्रवक्ता (लेक्चरर) के रूप में भी सेवाएँ दीं।

उन्हें विशेष रूप से 2018 में वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के सम्मेलन के दौरान अमेरिकी वैज्ञानिकों की टिप्पणियों से प्रोत्साहन मिला, जिन्होंने कहा था,

“यदि इन प्रयोगों को सटीक उपकरणों के साथ किया जाए और सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया जाए, तो भारत को नोबेल पुरस्कार मिल सकता है।”

अजय शर्मा ने अन्य विषयों पर अपना शोध कार्य अलग रखकर पूरी तरह इसी शोध दिशा पर ध्यान केंद्रित किया है।

लगातार आठ वर्षों के इस प्रयास के फलस्वरूप अब महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने लगे हैं।

अजय शर्मा

Mobile 94184 50899

Ajay Sharma, Fundamental Physics Society, Shimla

Link for paper on Newton’s 3rd and 2nd Law

https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2772569324000422

https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S277256932400118X?dgcid=raven_sd_via_email Forthcoming Book Newton’s Laws of Motion Generalized

Mobile 94184 50899, 94183 09989

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