भारत के चीफ जस्टिस एन वी रमना ने कॉलेजियम सिस्टम को लेकर सोमवार को कहा कि यह धारणा गलत है कि भारत में जज ही जजों की नियुक्ति करते हैं. सीजेआई ने कहा कि यह एक गलत धारणा है और जिसे मैं ठीक करना चाहता हूं. जजों की नियुक्ति एक लंबी परामर्श प्रक्रिया के जरिए की जाती है. इसके लिए कई हितधारकों से परामर्श लिया जाता है. मुझे नहीं लगता कि यह प्रक्रिया इससे भी ज्यादा अधिक लंबी हो सकती है. उन्होंने कहा कि न्यायिक नियुक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उद्देश्य लोगों के विश्वास को बनाए रखना है, उन्होंने कहा चयन प्रक्रिया इसकी तुलना में और अधिक लोकतांत्रिक नहीं हो सकती है.
यह धारणा गलत है कि भारत में जज ही जजों की नियुक्ति करते हैं
