- June 9, 2019
मालदीव हिंदमहासागर की कुंजी—प्रधानमंत्री
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इन समझौतों में समुद्री रक्षा, क्रिकेट को बढ़ावा, रूपे कार्ड के चलन और जन सहयोग को बढ़ावा प्रमुख रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी — ‘मालदीव दुनिया का नायाब नगीना है.
– पीएम मोदी ने कहा कि हमारा दर्शन और हमारी नीति है ‘सारी दुनिया एक परिवार.’
आज भारत और मालदीव के बीच अपने क्षेत्र में मिलकर काम करने के लिए एक अवसर है.
आतंकवाद को हराने का एक अवसर है.
समुद्र की चुनौतियों पर अवसर है.
पर्यावरण के लिए एक बदलाव लाने का अवसर है.
हम इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे. इसके लिए हम वचनबद्ध हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम सामुद्रिक पड़ोसी हैं. हम मित्र हैं. दोस्तों में कोई छोटा और बड़ा, कमज़ोर और ताकतवर नहीं होता. शांत और समृद्ध पड़ोसी की नींव भरोसे, सद्भावना और सहयोग पर टिकी होती है.
– अब भारत के सहयोग से माले की सड़कें ढाई हज़ार एलईडी स्ट्रीट लाइट के दूधिया प्रकाश में नहा रही हैं और 2 लाख एलईडी बल्ब मालदीव वासियों के घरों और दुकानों को जगमगाने के लिए आ चुके हैं.
– पीएम मोदी ने कहा कि मालदीव अंतरराष्ट्रीय सौर्य ऊर्जा में शामिल हुआ है.
– आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की फैक्ट्री, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती. आतंकवाद की स्टेट स्पांसरशिप सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है.
– आतंकादी कहां से सुविधा पाते हैं. उन्हें कौन फाइनेंस करता है? यह दुर्भाग्य है कि लोग अभी भी गुड टेररिस्ट और बैड टेररिस्ट में फर्क कर रहे हैं.
– भारत और मालदीव में भाषा की भी समानता है. देश का संबंध केवल सरकारों के बीच नहीं होता. लोगों के बीच के संबंध इसके प्राण होते हैं.
– भारत और मालदीव एक गुलशन के फूल हैं. सागर की गहराई जैसे हमारे रिश्ते हैं. भारत हर घड़ी, हर कदम पर आपके साथ चला है.
– मालदीव दुनिया के सामने सौंदर्य का नायाब नमूना है. यह हिंदमहासागर की कुंजी है. भारत मालदीव के लोकतंत्र के साथ है. पड़ोसियों का विश्वास जीतना हमारा लक्ष्य है.
–मालदीव और भारत के बीच हाइड्रोग्राफी, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, समुद्र सुरक्षा और सीमा शुल्क संबंधी कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि मालदीव में रुपए ( RuPay) कार्ड जारी करने से भारतीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी. रक्षा सेवाओं पर उन्होंने कहा कि हम एकजुट जोकर समुद्र की सुरक्षा करेंगे. भारत किसी भी प्राकृतिक आपदा या अन्य कोई भी समस्या हो, उसमें हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहा है.
भारत हर कदम पर मालदीव के साथ खड़ा है. सुशासन के प्रति हमारी जिम्मेदारी अहम है. दोनों ही देश स्थिरता चाहते हैं. हमारी साझेदारी की भावी दिशा पर पूर्ण सहमति है. उन्होंने कहा कि मालदीव में विकास के रास्ते खुले हुए हैं. यहां विकास के कई प्रोजेक्ट्स जारी हैं. दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.
भारतीय नौसेना और मालदीव सेना के बीच समुद्र सुरक्षा के लिए व्हाइट शिपिंग इंफार्मेशन शेयर करने की तकनीकी पर समझौता हुआ है.